दैनिक जागरण अब नैतिकता की धरातल से भी गिरने लगा है. कानपुर से खबर है कि तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने एक महिला कर्मचारी का यौन शोषण किया. महिला ने इस मामले की लिखित शिकायत कानपुर की महिला थाना में की है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. सोमवार को इन चारों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया जाएगा.
दैनिक जागरण, कानपुर में कम्प्यूटर सेक्शन में काम करने वाली अविवाहित 36 वर्षीय रवीना मिश्रा (बदला हुआ नाम) ने कानपुर की महिला थाने में शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उनके साथ जागरण, कानपुर के यूनिट हेड नितेंद्र श्रीवास्तव, सीजीएम सतीश चंद्र मिश्रा तथा आईटी सेक्शन के हेड प्रदीप अवस्थी ने यौन शोषण किया. रवीना के आरोप के अनुसार इन लोगों ने उन्हें एक कमरे में बुलाया तथा कहा कि कंपनी की छंटनी की लिस्ट में आपका भी नाम है. इसके बाद इन लोगों ने कहा कि या तो आप छंटनी के लिए तैयार रहिए या फिर हमारी बात मानिए. इसके बाद इन लोगों ने यौन शोषण किया.
सूत्रों का कहना है कि लगभग आधे घंटे बाद रवीना उस कमरे से रोते हुए निकलीं. अधिकारी उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रहे थे. किसी के पूछने पर भी रवीना ने किसी को कोई बात नहीं बताई. 26 जून की शाम को उन्होंने महिला थाने में इस बात की लिखित शिकायत की. 27 पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक जांच पड़ताल की. बताया जा रहा है कि पुलिस इस मामले में यौन शोषण के आरोपी बनाए गए अधिकारियों को सोमवार को महिला थाने में पूछताछ के लिए बुलाएगी.
इस संदर्भ में रवीना द्वारा आरोपी बनाए गए यूनिट हेड नितेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद और झूठा है. उक्त महिला का अपने विभाग के हेड से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, उसके बाद उसने अपने कम्प्यूटर की सारी फाइलें डिलीट कर दी. जब उसे इस मामले में चार्जशीट दिया गया तो वो अब उल्टे सीधे आरोप लगा रही है. इस स्थिति में अब तो किसी महिला कर्मचारी को डांटने से भी परहेज करना पड़ेगा.
दूसरी तरफ सर्वोदय नगर के अलावा कानपुर के साकेतनगर में स्थित दैनिक जागरण के पत्रकारिता इंस्टीट्यूट के एक वरिष्ठ अधिकारी पर एक छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. यहां भी इस मामले को लेकर बवाल मचा हुआ है. ज्यादातर छात्र-छात्रा आरोपों को सही मानते हुए छात्रा के साथ खड़े हैं. अब देखना है कि प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है.





