खुद को तो बताएंगे कि देश दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़े जाते हैं पर छापते क्या हैं, यह कम ही लोगों को पता होगा. दैनिक जागरण आगरा में जो कुछ छपा है, वह शर्मनाक है. पर कहते हैं न कि जब आप अपने लोगों का हद से ज्यादा शोषण करेंगे तो लोग भी किसी न किसी बहाने आपको डैमेज करेंगे. पर उनका क्या जो दैनिक जागरण में हर माह मोटी तनख्वाह पाते हैं पर काम ढेला भर भी नहीं करते, सिवाय उगाही और राजनीति करने के.
ऐसे संपादक व उनके मातहत क्या आंखें बंद करके काम करते हैं? आगरा संस्करण के 25 अगस्त के अंक में पेज नंबर 8 पर एक खबर प्रकाशित हुई है. इस पेज पर ‘चिश्ती के दर पर सजदा करेंगे उस्मानी’ शीर्षक से प्रकाशित खबर की पहली ही लाइन में ‘मुख्यमंत्री की आत्महत्या की अति महत्वाकांक्षी…’ छाप दिया गया है. इससे ऐसा लगता है कि अखबार के संपादकीय विभाग के लोग अपने काम के प्रति लापरवाह हैं. एक बड़े बैनर के अखबार में इस तरह की गलती होना वाकई शर्मनाक है. पूरी खबर यूं है…

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