शिमला से थोड़ी देर से ये खबर आई है. कुछ दिनों पहले हिमाचल प्रदेश की सरकार की तरफ से विभिन्न अख़बारों के एडिटर्स के लिए एक मीट रखी गयी थी. ये मीट तीन दिन की थी और इसमें तमाम अख़बारों के एडिटर्स शामिल हुए. खुद को नम्बर वन का झूठा सच्चा मनगढंत दावा करने वाले अख़बार के भी एक उच्च अधिकारी इसमें शामिल होने आये थे.
इस कार्यक्रम में निमन्त्रण पूरे परिवार को था. पर वो अधिकारी अकेले ही आये थे. शिमला कनेक्शन को लेकर उनके किस्से पहले से भी काफी चर्चा में रहे हैं. इन तीन दिनों में उनकी व्यस्तता कुछ ऐसी रही कि वे अपने शिमला चैप्टर में बिज़ी रहे और होटल के कमरे से कम ही बाहर निकले. यहाँ तक कि अपने अख़बार के ऑफिस भी बस आखिरी दिन औपचारिकता वश ही गए. अब शिमला टीम को बॉस के आने की जानकारी थी पर सबने उनकी "निजता" का ध्यान रखा और "खलल" नहीं डाला. इतना ही नहीं चर्चा तो ये भी है कि अपने शिमला कनेक्शन के साथ हिमाचल के पहाड़ों पे भी उन्होंने अतिथि सत्कार का आनंद लिया! . अब सवाल ये तो है ही कि ऐसे एकांतवास कि आखिर वजह क्या है?
इस कानाफूसी के लेखक हैं ऋषि कुमार नागर. इन दिनों कनाडा में एक मीडिया कंपनी में होस्ट और न्यूज एंकर के रूप में कार्यरत हैं.





