बिहार के समस्तीपुर शहर में प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान 'गुरुकुल' से दैनिक जागरण वाले विज्ञापन लेने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी एक बानगी 15 जून के दैनिक जागरण के समस्तीपुर संस्करण के प्रथम पृष्ठ पर देखने को मिली। कैसे सच्चाई को जाने बिना खबर छापी जाती है, इसका भी पता चला। हुआ यूं कि गुरुकुल का छात्र रजनीश दबंगई दिखाते हुए अपने ही वर्ग में मोबाइल से एक छात्रा का फोटो खींचने लगा तो शिक्षक ने उसे रोका। इस पर रजनीश हाथापाई पर उतर आया।

उसकी इस गलती को नजर अंदाज कर दैनिक जागरण ने खबर को एकतरफा प्रकाशित कर शिक्षण संस्थान ''गुरुकुल'' से 20 लाख का विज्ञापन मांगना शुरू कर दिया। यह सारा ताना समस्तीपुर प्रभारी आर· कौशलेन्द्र बुन रहे हैं। इस तरह की हरकत दैनिक जागरण अखबार के लिए नई नही है। मुजफ्फरपुर से बिना निबंधन का दैनिक जागरण का मुजफ्फरपुर संस्करण लगभग सात वर्षों तक प्रकाशित किा और केन्द्र व राज्य सरकारों के समक्ष मुजफ्फपुर संस्करण को निबंधित अखबार के रूप में प्रस्तुत कर करोड़ों रुपए का सरकारी विज्ञापन प्राप्त कर सरकारी राजस्व की लूट मचाई।
किन्हीं प्रकाश कुमार द्वारा [email protected] मेल आईडी से भेजे गए मेल पर आधारित.






