आखिर क्या हो गया है जागरण समूह के पत्रकारों को. आए दिन ऐसी हरकत कर रहे हैं, जिससे पत्रकारिता की छवि धूमिल हो रही है. खबर दैनिक जागरण के मधेपुरा कार्यालय से जुड़ी हुई है. कल दैनिक जागरण, भागलपुर के संपादक आलोक मिश्र एवं यूनिट हेड राजाराम तिवारी जिले भर के संवाददाताओं की बैठक लेने मधेपुरा आए थे. इसी दौरान एक महिला ने कार्यालय के सामने जिला प्रभारी पर फोन से रात में अश्लील बातें करने का आरोप लगाते हुए बखेड़ा खड़ा कर दिया. हालांकि बैठक में इस महिला को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया.
बताया जा रहा है कि इसके बाद उक्त महिला ने यूनिट हेड को अश्लील बातों की रिकार्डिंग व नम्बर भी दिखाया. यूनिट हेड ने महिला को कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया. पर वो संतुष्ट नहीं हुई. बताया जा रहा है कि सविता (बदला हुआ नाम) ने फोन लगाना शुरू किया तो वो नम्बर बंद मिला. प्रभारी भी वहां से लापता हो गए. नम्बर देखते ही सारे लोग माजरा समझ गए थे. लोगों के समझाने के बाद वह महिला वहां से हटी. उस महिला ने कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही है.
इस संदर्भ में पूछे जाने पर उक्त महिला ने बताया कि मैं ने अपने पति को तलाक दे दिया है. मेरे छह बच्चे हैं, जिसमें पांच को मेरे पति ने ही अपने पास रखा है, मुझे वो लगातार परेशान करता रहता है. वो इस ब्यूरोचीफ से मिलकर गलत साबित करना चाहता है. उक्त महिला ने बताया कि मैं स्कूल में खाना बनाकर किसी तरह अपना तथा अपनी एक बच्ची का पालन-पोषण कर रही हूं. ब्यूरोचीफ मुझपर लगातार मिलने का दबाव बना रहे थे, मेरे मना करने पर भी वो फोन करते थे, जिसके बाद मैंने अपने मोबाइल में उनकी बातों को टेप कर लिया. इस संदर्भ में प्रभारी दिनेश सिंह से भी बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल फोन स्वीच आफ मिला, जिससे उनका पक्ष नहीं जाना जा सका. अगर दिनेश अपना पक्ष रखना चाहते हैं तो वे bhadas4media@gmail के माध्यम से अपनी बात कह सकते हैं. उनका पक्ष भी ससम्मान प्रकाशित किया जाएगा.






