विष्णु त्रिपाठी को दैनिक जागरण में दिल्ली-एनसीआर का संपादक बनाए जाने के बाद माना जा रहा है कि जागरण प्रबंधन ने चीफ जनरल मैनेजर निशिकांत ठाकुर की उल्टी गिनती शुरू कर दी है. सबसे पहले निशिकांत ठाकुर के करीबियों पर गाज गिरेगी जो निशिकांत ठाकुर के शह के कारण प्रमुख पदों पर हैं और करोड़ों की अवैध संपत्ति के मालिक बन बैठे हैं. चर्चा है कि कविलाश मिश्रा पर सबसे पहले गाज गिरेगी. कविलाश निशिकांत ठाकुर के नजदीकी रिश्तेदार हैं और इन दिनों दिल्ली जागरण के हेड हैं.
कविलाश के अलावा पूरे एनसीआर में संपादकीय और गैर-संपादकीय के प्रमुख पदों पर निशिकांत के आदमी विराजे हैं. इनमें ज्यादातर निशिकांत के गृह प्रदेश बिहार से ताल्लुक रखते हैं. इन लोगों की जागरण में नियुक्ति किसी मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि निशिकांत ठाकुर का करीबी या उनके गृह जिले का होने के नाते या रिश्तेदार होने के नाते या बिहार का होने के नाते या चरण छूने की प्रतिभा के कारण की गई है. इनमें से ज्यादातर लोग जब जागरण में नियुक्त हुए तो इनके पास संपत्ति के नाम पर केवल झोला था.
पर अब ये जागरण ब्रांड का उपयोग करके और निशिकांत का संरक्षण प्राप्त करके करोड़ों की संपत्तियों, मकानों, प्लाटों, दुकानों आदि के मालिक बन चुके हैं. ऐसा नहीं कि जागरण के मालिकान संजय गुप्ता आदि निशिकांत ठाकुर के इस मायाजाल को नहीं जानते. खूब जानते हैं. लेकिन वो कहा जाता है न कि जब आप किसी से कंपनी के लिए उगाही कराओगे, तो उसे भी खुद के लिए उगाही करने की छूट दोगे.
दैनिक जागरण के एनसीआर एडिशनों और इससे संबंधित जिलों में रखे गए लोग निशिकांत ठाकुर को रिपोर्ट करते हैं, खासकर रेवेन्यू के मामले में. पेड न्यूज से लेकर अन्य तरीकों से रेवेन्यू जनरेट करने का काम निशिकांत ठाकुर के निर्देशन में कुशलतापूर्वक एनसीआर के जिलों में चलता रहता है. दैनिक जागरण के मालिकान भी इस पर कुछ नहीं बोलते क्योंकि अंततः उनकी ही तिजोरी इससे भरती है.
इस प्रक्रिया में निशिकांत ठाकुर और इनके लोग अपने लिए भी काफी कुछ वारा-न्यारा कर डालते हैं. जो लोग इस काम में बाधक बनते हैं या रोड़ा अटकाते हैं, उन्हें निशिकांत एंड कंपनी ऐन-केन प्रकारेण निपटा देती हैं. ऐसे दर्जनों लोग हैं जो निशिकांत एंड कंपनी के सताए हुए हैं. इन सभी ने समय समय पर जागरण प्रबंधन को निशिकांत ठाकुर और इनके लोगों की सच्चाई बयान की पर जागरण के मालिकान कान में तेल डालकर बैठे रहे. सूत्रों का कहना है कि जागरण प्रबंधन अब निशिकांत और इनके लोगों को किनारे लगाने का मन बना चुका है.
इसी के तहत बड़ा व सख्त फैसला लेते हुए विष्णु त्रिपाठी को दिल्ली-एनसीआर के एडीशनों का संपादक बना दिया है. विष्णु त्रिपाठी मेरिट पर काम करने-कराने वाले पत्रकार हैं. इन्होंने अतीत में जब जब मेरिट के आधार पर सख्त फैसले लिए तब-तब निशाने पर निशिकांत ठाकुर के लोग ही आए. निशिकांत के करीबी लोग विष्णु त्रिपाठी को फूटी आंख नहीं देखना पसंद करते.
सूत्रों के मुताबिक निशिकांत की बढ़ती उम्र, घटती कार्यक्षमता और इनके नजदीकी लोगों के क्रियाकलाप के कारण जागरण ब्रांड पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के चलते प्रबंधन ने अंदरखाने इन्हें किनारे करने का फैसला लिया है. सूत्रों के मुताबिक विष्णु त्रिपाठी की राह आसान नहीं है क्योंकि निशिकांत के लोग एकजुट होकर कदम कदम पर उन्हें फंसाने परेशान करने की कोशिश करेंगे. पर प्रबंधन से अभयदान पाए और मेरिट के आधार पर काम करने के आदी विष्णु त्रिपाठी पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे जो जागरण में काम की बजाय अन्य कारणों से नौकरी चला रहे हैं. (कानाफूसी)
मूल खबर…
विष्णु त्रिपाठी बने दैनिक जागरण दिल्ली-एनसीआर के आरई





