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मिर्जापुर

जानवरों से भी बदतर है मेनका गांधी के स्‍कूल के शिक्षकों की दशा

पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए अभियान चलाने वाली मेनका गाँधी के विद्यालय के अध्यापको की दशा जानवरों से भी बदतर है । शोषण अन्याय के खिलाफ अध्यापक आन्दोलन की राह पर है । अध्यापकों ने महंगाई की मार से बचाने के लिए वेतन बढ़ाने की मांग की तो उन्हें निष्कासित कर दिया गया । मनरेगा मजदूरों की मजदूरी से कम वेतन पाने वाले एम० एड० तथा बी० एड० की डिग्री लेकर बच्चों को पढ़ने वाले अध्यापक ताला बंद हड़ताल पर बैठ गये है ।

पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए अभियान चलाने वाली मेनका गाँधी के विद्यालय के अध्यापको की दशा जानवरों से भी बदतर है । शोषण अन्याय के खिलाफ अध्यापक आन्दोलन की राह पर है । अध्यापकों ने महंगाई की मार से बचाने के लिए वेतन बढ़ाने की मांग की तो उन्हें निष्कासित कर दिया गया । मनरेगा मजदूरों की मजदूरी से कम वेतन पाने वाले एम० एड० तथा बी० एड० की डिग्री लेकर बच्चों को पढ़ने वाले अध्यापक ताला बंद हड़ताल पर बैठ गये है ।

कालीन बुनकरों व गरीब बच्चों को शिक्षा देने के नाम पर मीरजापुर जिले के छानबे विकास खण्ड अंतर्गत कलना गाँव में रग मार्क जूनियर हाईस्कूल संचालित है । विद्यालय में 187 बालक बालिकाओं को 9 अध्यापक शिक्षा प्रदान करते है । तीन माह से अध्यापकों को वेतन नही मिला है । महंगाई से त्रस्त आम इन्सान होने के नाते अध्यापकों ने वेतन वृद्धि की माँग की तो एक साथ 5 अध्यापको का तबादला वर्तमान विद्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर के विद्यालयों पर कर दिया गया । उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद मात्र 3414 (तीन हजार चार सौ चौदह ) रूपये में काम करके बेरोजगारी के कलंक से मुक्ति पाने वाले अध्यापकों को दो दिन बाद ही निलम्बित कर दिया गया । संस्था के प्रबंध तंत्र के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर अध्यापक धरना प्रदर्शन पर बैठ गये है । प्रधानाचार्य अशोक शर्मा , अध्यापक आशुतोष चतुर्वेदी का कहना है कि पशु पक्षियों से प्रेम करने एवं उनके संरक्षण के लिए आवाज़ बुलंद करने वाली मेनका गाँधी रगमार्क संस्था की चेयर परसन है । इस संस्था को बच्चों के शिक्षा के लिए जर्मनी तथा विश्व बैंक से अनुदान प्राप्त होता है । विदेशी धन आने के बावजूद विद्यालय में अध्यापको की दशा जानवरों से भी बदतर है । इनकी गुहार सुनने के बजाय तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है । इलाके में तमाम विद्यालय होने के बाद भी अच्छी शिक्षा देने के लिए विख्यात रगमार्क स्‍कूल में जूनियर हाई स्कूल होने से सैकड़ो अभिभावकों ने अपने बच्चों का प्रवेश कराया । दस बारह वर्षो से बच्चों को पढ़ा रहे अध्यापक कल तक अच्छे थे, आज वेतन वृद्धि की माँग किया तो वह उनका अपराध बन गया । अध्यापको के हड़ताल पर जाने से पठन पाठन बंद है । विद्यालय में ताला बंदी व हड़ताल से अभिभावक चिन्तित है आखिर उनके बच्चों का भविष्य दाँव पर लगा है । पूर्वांचल के चार जिलों में संस्था के सात विद्यालय संचालित है । वाराणसी में एक , इलाहाबाद में एक , भदोही (संत रविदास नगर ) – 4 तथा मीरजापुर में एक विद्यालय खुला है । जिसको वाराणसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा संचालित किया जाता है । अध्यापकों के तमाम आरोपों को क्षेत्रीय प्रबन्धक संजीव मिश्र ने अनुशासन हीनता बताया । कम वेतन पर संस्था के ऊपर वालो तक बात पहुचाने को कह कर किनारा कस लिया । सभार- नितिन अवस्‍थी

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