बागपत : यूपी पुलिसवालों की ही करतूतें हैं, जो महकमे को बदनाम कर रही हैं। बड़ौत थाना पुलिस की शर्मसार करतूत सुनिए, जिस शख्स की बेटी का अपहरण हुआ, पुलिस ने उसके मुंह में नींद की गोलियां ठूंस दी। उसपर यह कहर इसलिए टूटा क्योंकि एक तो मुल्जिम दारोगा का रिश्तेदार है। दूसरा, इस शख्स ने पुलिस की शिकायत एसपी से कर दी थी। तीन दिन अस्पताल में रहने के बाद अब वह इतना भयभीत है कि अपना घर छोड़कर रिश्तेदारी में रह रहा है।
इस बर्बरता का शिकार बने बड़ौत निवासी शख्स ने यह पूरा घटनाक्रम डीजीपी अंब्रेश चंद शर्मा को फैक्स किया है। उसने अमर उजाला ऑफिस पहुंचकर बताया कि बड़ौत थाने पर तैनात एक दारोगा का रिश्तेदार उसकी बेटी का 21 मार्च को अपहरण कर ले गया था। उसने बड़ौत थाने में इसकी नामजद एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन दारोगा के दबाव में पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। उसने इसकी शिकायत एसपी राजू बाबू सिंह से की। एसपी ने विवेचना अधिकारी समेत थाना पुलिस की क्लास लगा दी। तभी से पुलिस उसकी बैरी बन गई।
छह अप्रैल को उसे विवेचना अधिकारी रामलाल ने कुछ जानकारी करने के बहाने थाने के पास स्थित अपने कमरे पर बुलाया। वहां इंस्पेक्टर विनोद शर्मा और कोताना रोड चौकी पर तैनात सिपाही नीरज पहले से मौजूद थे। उसका आरोप है कि वहां उसे पहले अपमानित किया गया। इसके बाद उसके हाथ पकड़कर एक मुट्ठी नींद की गोली उसके मुंह में जबरन ठूंसकर पानी पिला दिया। तीनों उसे धमकाकर बोल रहे थे, आज तुझे एसपी से शिकायत करना सिखाते हैं। वह जब बेहोश हो गया, तो उसे उसके घर पर फेंक आए। उसके रिश्तेदारों ने उसे पहले बड़ौत के संजय नर्सिंग होम ले गए।
हालत गंभीर होने के चलते बाद में उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां से नौ अप्रैल को छुट्टी मिली। इसके बाद पहले रिश्तेदारी में दिल्ली गया और फिर शुक्रवार को डीजीपी को पूरा घटनाक्रम फैक्स के माध्यम से भेजा। उसने बताया कि वह पुलिस के डर से अपनी बीवी बच्चों समेत रिश्तेदारी में दिल्ली रह रहा है। उसने मांग की है कि उसके केस की जांच किसी और थाने को दी जाए। उसे और उसके परिवार को सुरक्षा भी मिले।
ऐसा नहीं हुआ : एसपी
एसपी राजू बाबू सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। जिस दारोगा के रिश्तेदार पर लड़की के अपहरण का आरोप लगा, उसका नोएडा ट्रांसफर करा दिया गया। लड़की का पिता झूठ बोलकर निर्दोष लोगों को फंसाना चाहता है।
आरोप झूठा है : इंस्पेक्टर
बागपत। इंस्पेक्टर बड़ौत विनोद शर्मा का कहना है कि अपहृत लड़की बरामद हो चुकी है। जिस युवक के खिलाफ एफआईआर थी, वह अपनी मर्जी से उसी के साथ चली गई। लड़की का पिता पुलिस पर झूठा आरोप लगा रहा है। (अमर उजाला)





