प्रिय महोदय, मैंने आज हाईकोर्ट में प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं ओद्योगिक विकास सूर्य प्रताप सिंह को बर्खास्त करने की याचिका दायर की। मुझे इस बात का बहुत आश्चर्य था कि अगर कोई सामान्य कर्मचारी बिना बताये एक साल नौकरी से गायब हो जाता है तो उसे तत्काल बर्खास्त कर दिया जाता है मगर आईएएस के लिए मानो सारे गुनाह माफ़ होते है।
सूर्य प्रताप सिंह पिछले 9 सालों से गायब थे और जैसे ही वापस आये तो सबसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात हो गए, क्या इनके लिए कोई नियम, कोई संविधान नहीं है। इनसे किसी ने नहीं पूछा कि इतने सालों तक अमेरिका में क्या करते रहे? खर्चा कैसे चला? क्या इतने साल बाद वापसी किसी विदेशी इशारे पर तो नहीं हुई?
अभी भी प्रदेश के कई आईएएस सालों से गायब हैं। मेरी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। मैंने केंद्र सरकार को भी नोटिस देकर कहा है कि इन अफसरों का लेखा जोखा रखने बाले डीओपीटी को निर्देशित करे कि स्टडी लीव पर जाने वाले सभी अफसरों का पूरा विवरण अपनी वेबसाईट पर प्रकाशित करे। बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है यह।
हमारे प्रदेश में अफसर कम है और यहाँ के अफसर बिना बताये विदेश में सालो तक घूमते हैं। जमकर पैसा कमाते हैं और यहाँ आकर बची हुई तन्खाव्ह ले लेते हैं। मेरी जानकारी के मुताविक सूर्य प्रताप सिंह को भी इतने सालों की तन्खवाह लगभग एक करोड़ रुपया भी दे दिया जायेगा। धन्य है हमारा सिस्टम।
संजय शर्मा
वरिष्ठ पत्रकार
लखनऊ
मोबाइल- 09452095094
मूल खबर :
भगोड़े आईएएस सूर्य प्रताप सिंह को अखिलेश ने प्रमुख सचिव बना दिया!






