: कानाफूसी : प्रबंधन के रवैये ज्यादातर कर्मचारी नाराज : जीएनएन न्यूज में काम करने वाले प्रबंधन के रवैये से परेशान हैं. चैनल में काम करने का माहौल तो खराब है ही इस बार आई सेलरी को देखकर जीएनएन के कर्मचारी और नाराज हो गए हैं. खबर है कि प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों के सेलरी में से इस बार तीन सौ रुपये काट लिए हैं. पैसा आफिस के फर्नीचर के मेंटेनेंस के नाम पर काटा गया है.
जीएनएन न्यूज में पिछले काफी समय से हालात खराब चल रहे हैं. चैनल की लांचिंग के समय इस चैनल से जुड़े ज्यादातर कर्मचारी खुद चैनल छोड़ गए या तो हटा दिए गए. अब स्थिति यह है कि सीमित संख्या में स्टाफ होने के बाद भी चैनल अपने कर्मचारियों को समय से पैसा नहीं दे पा रहा है. पिछले कई महीने से सेलरी दूसरे महीने के लास्ट में आ रही है. इस बार भी ऐसा ही हुआ. नवम्बर माह की सेलरी दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में आई. हालांकि सेलरी आने की सूचना पर कर्मचारी खुश थे, पर जब अपना एकाउंट चेक किया तो पैसे कम दिखे.
इस बारे में जब यहां कार्यरत पत्रकारों ने प्रबंधन के लोगों से जानकारी मांगी तो पता चला कि उनके सेलरी से तीन सौ रुपये प्रबंधन ने कुर्सी और अन्य फर्नीचर बनवाने या मेंटनेंस करवाने के लिए काट लिए हैं. कर्मचारी भौचक्क हैं कि अब क्या कुर्सी-टेबुल और फर्नीचर के दूसरे सामान उनकी सेलरी से काटकर मंगाए जाएंगे. चर्चा है कि प्रबंधन ने पत्रकारों से साफ कर दिया है कि कुर्सी पर जो लोग बैठते हैं खर्च भी वो ही लोग देंगे. बताया जा रहा है कि कुर्सी खराब होने का ठीकरा भी प्रबधंन ने कर्मचारियों पर ही फोड़ा है कि उनकी लापरवाही से ही चैनल की कुर्सियां खराब हुई हैं.
जीएनएन के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन का रवैया असहनीय हो गया है. अगर यहां कार्यरत कर्मचारी समय से पन्द्रह मिनट की देरी से भी पहुंचते हैं तो उनके आधे दिन की सेलरी काट ली जाती है, जबकि अगर वो ही कर्मचारी शिफ्ट खतम होने के समय के बाद घंटों काम करे तो उसका ओवरटाइम नहीं दिया जाता है. प्रबधंन के रवैये से चैनल के पत्रकार खिन्न हो गए हैं. पिछले दिनों एकाध लोगों ने चैनल से इस्तीफा दिया था, खबर है कि इस प्रकरण के बाद चैनल से कुछ और लोग इस्तीफा दे सकते हैं. वैसे भी लांचिंग के पहले से ही यह चैनल कई विवादों को लेकर चर्चा में रहा है.






