जी छत्तीगढ़24 घंटे में छंटनी का दौर फिर से शुरू हो गया है. यहां पर हाल ही में तीन कर्मचारियों को फोन करके कह दिया गया कि कल से मत आना. खास बात यह है कि उनमें से दो तो उनके हाल ही के एंकर टंट के विजेता ही थे. ये सब हो रहा है चैनल की गिरती टीआरपी की वजह से, जिसकी वजह से मालिकों ने उच्चाधिकारियों को डांट पिलाई और मैराथन मीटिंग में जमकर ऐसी की तैसी की. पर होशियार उच्चाधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाते हुए सारा ठीकरा निचले स्तर के कर्मचारियों पर फोड़ दिया.
जबकि सच्चाई यह है कि इस चैनल में हेडलाइन क्या चलेगी, कौन सी स्टोरी चलेगी, कौन सी नहीं चलेगी ये सब उच्चाधिकारी ही तय करते हैं. लेकिन लाखों की सेलरी वाले चंद हजार पाने वाले कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़कर मालिक को बेवकूफ बनाते हैं. ये कैसी सच्चाई है मीडिया की. वैसे भी जी वाले सहारा की बढ़ रही टीआरपी की वजह से टेंशन में हैं. इसके पहले भी जी में कुछ समय पहले छंटनी और लोगों के जाने का दौर चला था, पर प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी, पर एक बार फिर उसी रोग ने चैनल को जकड़ना शुरू कर दिया है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






