जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के दागी नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व ग्रह राज्य मन्त्री कृपा शंकर सिंह को विशिष्ट अतिथि के रूप में बुलाकर सम्मानित किया। इन नेता जी पर आय से अधिक सम्पत्ति की सीबीआई जाँच चल रही है और वे स्वयं सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जमानत पर चल रहे हैं। साथ ही इनकी सम्पत्तियों की कुर्की के भी आदेश हो चुके हैं। जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह की इस कार्यवाही से पत्रकार स्वयं को मान रहे अपमानित और पत्रकारिता हुई कलुषित। ओम प्रकाश सिंह दैनिक जागरण के जौनपुर संसकरण के ब्यूरो प्रमुख भी हैं। इनकी इस हरकत से जौनपुर के पत्रकार हुये मर्माहत।
जिस भवन (पत्रकार संघ भवन) में यह सम्मान समारोह हुया, उसे इन्हीं अध्यक्ष महोदय ने जौनपुर कलक्ट्रेट परिसर में जबरन कब्जा कर सरकारी समपत्ति को बताया हुया है पत्रकार संघ भवन. इस बाबत जौनपुर के जिलाधिकारी सूचना के अधिकार के अंतर्गत पूछे जाने पर कर चुके हैं कि वह भवन पत्रकार संघ भवन नहीं, वरन सार्वजनिक सामुदायिक केन्द्र, वाचनालय एवं पुस्तकालय है। इस सरकारी भवन के प्रयोग के लिये जौनपुर पत्रकार संघ न तो कोई शुल्क ही राज्य सरकार को देता हैं और न ही इसका कब्जा सरकार को लौटाया गया है। इसी भवन में दागी नेता कृपा शंकर सिंह ने सम्मान कार्यक्रम के दौरान एयर कण्डीशनर लगवाने की घोषणा की। पूरे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी थामे हुये हैं चुप्पी जिससे कि दागी राजनेता के गुर्गे कुछ अवांछित पत्रकारों के साथ मिलकर अवैधानिक कार्यों को खुलेआम अंजाम देते घूम रहे हैं।
इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के राष्ट्रीय सचिव हेमन्त तिवारी उस दिन जौनपुर में मौजूद थे। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन भी उस दिन एक अलग कार्यक्रम कर हिन्दी पत्रकारित दिवस मना रही थी। हेमन्त तिवारी अपनी यूनियन के कार्यक्रम में नहीं गये। पर उन्होंने अनैतिक कार्य करने वाली और दागी नेताओं को सम्मानित करने वाले जौनपुर पत्रकार संघ के कार्यक्रम में शिरकत करना ज्यादा उचित समझा जबकि उनकी अपनी यूनियन के साथी पत्रकार उनके आने का आसरा देखते रहे। नीचे दो अटैचमेंट है, पहला है, समाचार पत्रों में प्रकाशित हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर दागी नेता कृपा शंकर सिंह को सम्मानित करने की खबर। दूसरा है जिलाधिकारी जौनपुर का दिनांक 26-12-2006 पत्र जिसमें इस भवन को सामुदायिक भवन बताया है तथा उसमें पुस्तकालय और वाचनालय संचालित होने की बात कहीं है।
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एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






