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झांसी में हॉकरों ने दैनिक जागरण का सर्कुलेशन किया ठप

: जन जन जागरण को मिल रहा है सर्वाधिक फायदा : झांसी से खबर है कि चार दिन से दैनिक जागरण अखबार लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है. इसकी वजह बताई जा रही है हॉकरों की कमीशन बढ़ाने जाने को लेकर की जा रही हड़ताल. जागरण समूह खुद तो जमकर पैसा पीट रहा है लेकिन हॉकरों का पैसा बढ़ाने के लिए इसके पास धन की कमी है. कमीशन बढ़ाए जाने को लेकर दैनिक जागरण अखबार के मालिक व हॉकरों के मध्य विवाद की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे नाराज हॉकरों ने अखबार उठाना बंद कर दिया है. परिणाम यह है कि अखबार लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है. सर्कुलेशन गिरने से अखबार रद्दी बनकर रह गया है.

: जन जन जागरण को मिल रहा है सर्वाधिक फायदा : झांसी से खबर है कि चार दिन से दैनिक जागरण अखबार लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है. इसकी वजह बताई जा रही है हॉकरों की कमीशन बढ़ाने जाने को लेकर की जा रही हड़ताल. जागरण समूह खुद तो जमकर पैसा पीट रहा है लेकिन हॉकरों का पैसा बढ़ाने के लिए इसके पास धन की कमी है. कमीशन बढ़ाए जाने को लेकर दैनिक जागरण अखबार के मालिक व हॉकरों के मध्य विवाद की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे नाराज हॉकरों ने अखबार उठाना बंद कर दिया है. परिणाम यह है कि अखबार लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है. सर्कुलेशन गिरने से अखबार रद्दी बनकर रह गया है.

हॉकरों के हड़ताल के चलते चार दिन से अखबार की बिक्री बहुत कम हो गई है. दैनिक जागरण के सर्कुलेशन गिरने का फायदा सबसे ज्‍यादा जन जन जागरण को मिल रहा है. अन्‍य अखबारों की भी सेलिंग बढ़ी है. दैनिक जागरण प्रबंधन खुद का स्‍टाल लगाकर अखबार बेचने का काम कर रहा है लेकिन लोग स्‍टाल तक नहीं पहुंच रहे हैं. अब दैनिक जागरण अखबार की भरपाई जन-जन जागरण द्वारा की जा रही है. चार दिन में हालात यह हो गए हैं कि जहां-जहां दैनिक जागरण अखबार जाता था, वहां अब जन-जन जागरण अखबार जा रहा है. लोगों ने यह तक कह दिया है कि अब हमारे घरों पर दैनिक जागरण मत डालना.

दैनिक जागरण के घटने का फायदा उठाने में जन जन जागरण वाले लगातार जुटे हुए हैं. दैनिक जागरण न बंटने से अखबार के मालिक व प्रबंध पूरे तरह से घबरा गए हैं, यहां मालिक झुकने को तैयार नहीं है तो वहीं हॉकरों ने भी अपने हथियार डालने से मना कर दिया है. हॉकरों चंद पैसे का कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिसको दैनिक जागरण के मालिक ने सिरे से खारिज कर दिया है. अन्य अखबारों के मालिकों ने हॉकरों का समर्थन करते हुए कमीशन बढ़ा दिया है, लेकिन दैनिक जागरण कमीशन बढ़ाने को तैयार नहीं है. नम्बर वन की हुंकार भरने वाला दैनिक जागरण अखबार झांसी में रद्दी बनता जा रहा है.

दैनिक जागरण ने झांसी के सदर बाजार, सीपरी बाजार, शहर में पचकुईयां चौराहा, बड़ा बाजार, रामलीला मंच, प्रेमनगर में थाने के पास, नगरा हाट का मैदान, गढिय़ा फाटक, आवास विकास में आरोग्य सदन, ग्वालियर रोड, इलाईट चौराहा, दैनिक कार्यालय कार्यालय गेट, मेडिकल कॉलेज गेट नं. 1 व मिशन कम्पाउण्ड में काउंटर बनाए हैं, लेकिन उसका कोई खास फायदा नहीं मिल रहा है. दैनिक जागरण ने विज्ञापन निकालकर लोगों को एजेंट के रूप में अखबार से जुड़ने का निमंत्रण दिया है. साथ ही अपने पाठकों के लिए भी कुछ संदेश प्रकाशित किया है, लेकिन इसका कहीं कोई असर नहीं दिख रहा है.

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