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झारखंड में खबर छपने से नाराज माओवादियों ने पत्रकार को दी धमकी

लातेहार : विरोध में छपी खबर से बिफरे माओवादियों ने गारू के पत्रकार को अपहरण करने धमकी दी। साथ ही माओवादियों ने पत्रकार को खबर नहीं लिखने की चेतावनी दी। माओवादी अपने महिला दस्ते के गिरफ्तार नक्‍सली साथी रेखा के खुलासे पर आधारित खबर लिखने से नाराज हैं। रेखा ने पुलिस को बयान दिया था कि माओवादी गांवों से नाबालिग लड़कियों को उठा कर ले जाते हैं तथा अपने साथ रखते हैं। उनका यौन शोषण किए जाने के अलावा उनसे कई और काम लिए जाते हैं। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षित कर महिला दस्ते में शामिल किया जाता हैं।

लातेहार : विरोध में छपी खबर से बिफरे माओवादियों ने गारू के पत्रकार को अपहरण करने धमकी दी। साथ ही माओवादियों ने पत्रकार को खबर नहीं लिखने की चेतावनी दी। माओवादी अपने महिला दस्ते के गिरफ्तार नक्‍सली साथी रेखा के खुलासे पर आधारित खबर लिखने से नाराज हैं। रेखा ने पुलिस को बयान दिया था कि माओवादी गांवों से नाबालिग लड़कियों को उठा कर ले जाते हैं तथा अपने साथ रखते हैं। उनका यौन शोषण किए जाने के अलावा उनसे कई और काम लिए जाते हैं। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षित कर महिला दस्ते में शामिल किया जाता हैं।

इसी आधार पर लिखी गई खबर से नाराज माओवादी मंगलवार की शाम लातेहार के गारू प्रखंड के महुआडाबर गांव में पत्रकार आलोक कुमार के घर पहुंच गए। आलोक की मां से पत्रकार के बारे में पूछताछ करने लगे। इसी दौरान खबर संकलन के बाद आलोक अपने घर पहुंचे, तभी माओवादियों ने उन्‍हें पकड़ लिया। आलोक के हाथ पैर रस्‍सी से बांध दिए गए। आलोक की मां, पत्नी और नौ माह की बच्ची के साथ पत्रकार को भी अपने साथ लेते गए। कुछ दूर ले जाने के बाद पत्रकार से विरोध में समाचार छापने के बारे में तमाम तरह की पूछताछ करने लगे।

आलोक ने कहना है कि उसने माओवादियों को बताया कि यह खबर उसने नहीं लिखी है तो इस पर माओवादी उक्‍त खबर लिखनेवाले पत्रकार को वहां बुलाने की बात कहने लगे। ऐसा नहीं करने पर गोली मारने की धमकी दी गई। आलोक ने उक्‍त पत्रकार को बुलाने में अपनी असमर्थता जतायी। इतने में वहां आसपास के तमाम ग्रामीण भी जुट गए। ग्रामीणों ने पत्रकार आलोक को ईमानदार तथा अच्‍छा व्‍यक्ति बताते हुए माओवादियों से उसे तथा उसके परिवार को छोड़ देने का आग्रह करने लगे। ग्रामीणों के कहने के बाद माओवादियों ने पत्रकार तथा उसके परिवार को छोड़ दिया, साथ ही उसे पत्रकारिता छोड़ने या उनके विरोध में समाचार नहीं छापने की चेतावनी भी दी।

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