अहमदाबाद। गुजरात उच्च न्यायालय ने साल 2008 में अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स आॅफ इंडिया’ के अहमदाबाद संस्करण के खिलाफ दर्ज किए गए देशद्रोह के पांच मुकदमों को खारिज कर दिया। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ओ पी माथुर की ओर से अखबार के खिलाफ दर्ज कराए गए देशद्रोह के पांच मुकदमों को न्यायालय ने कल यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जिन आलेखों का हवाला देकर मुकदमे दर्ज कराए गए थे उनसे देशद्रोह का मामला नहीं बनता। मुकदमों को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति हर्षा देवानी ने कहा, ‘‘आलेखों में स्थिति में सुधार की मंशा से कड़े शब्दों का इस्तेमाल कर आलोचना और टिप्पणियां की गयीं न कि हिंसा भड़काने या लोगों के बीच मनमुटाव पैदा करने के मकसद से । इसलिए वे देशद्रोह की परिभाषा के दायरे में नहीं आते।’’
मानहानि के मामले से भी इंकार करते हुए अदालत ने कहा, ‘‘वे तो माथुर को नियुक्त किए जाने में सरकार की बुद्धिमानी पर कड़ी टिप्पणियां मात्र थीं जिनका आधार सीबीआई के रिकॉर्ड में पायी गयीं पहले की घटनाएं थीं।’’ गौरतलब है कि अखबार ने 27 मई से एक जून के बीच कई आलेख प्रकाशित कर माथुर को सिटी पुलिस आयुक्त पद पर नियुक्त किए जाने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे। आलेखों में माथुर के माफिया डॉन अब्दुल लतीफ से कथित रिश्तों सहित कई मामलों में उनके रुख के बारे में भी लिखा गया था। माथुर अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।






