भोपाल। प्रेस कौंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष तथा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू यहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में एक सदस्य की टिप्पणी से नाराज हो गए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा अन्य सदस्यों के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने बैठक की कार्यवाही में अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित वि.वि की बैठक में नए स्टडी सेंटर खोलने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। बैठक में प्रस्ताव लाया गया कि ये केंद्र खडवा, बुरहानपुर तथा ग्वालियर में खोले जाने चाहिए। इस पर सदस्यों का सुझाव था कि केंद्र बुरहानपुर के स्थान पर शहडोल में खुलना चाहिए। इस दौरान डॉ. काटजू ने सुझाव दिया कि एक सेंटर जावरा (रतलाम) में भी खुलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके दादाजी (डॉ. कैलाशनाथ काटजू) प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं और उनका परिवार कई वर्षो से जावरा से जुड़ा है। वहां से उनका भावनात्मक नाता भी है।
काटजू की बात पर महापरिषद के सदस्य राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि यहां भावना की बजाय औचित्य देखा जाना चाहिए। इस पर काटजू नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि वे तो सिर्फ आग्रह कर रहे थे। इसी बात पर दोनों में बहस हो गई। बाद में सीएम ने उनको संभाला। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा अन्य सदस्यों ने काटजू से अपनी बात रखने का अनुरोध किया, जिसके बाद उन्होंने बैठक की कार्यवाही में अपनी बात को विस्तार दिया।






