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टीवी चैनलों की औकात बता देंगे इंटरनेट वाले टीवी चैनल

तकनालाजी का बाजार बहुत तेजी से बदल  रहा है। आने वाले वक्त में टीवी चैनल लोगों की पॉकेट में होंगे और मोबाइल उपभोक्ता जब चाहेगा दुनिया के किसी भी देश की खबरें देख लेगा। दुनियाभर में ऑनलाइन टीवी का बाजार लगातार बढ़ रहा है। इंटरनेट पर लोगों को तमाम जानकारियां और सूचनाएं प्रदान करने वाली कंपनी गूगल अब ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचने की रणनीति बना रही है।

तकनालाजी का बाजार बहुत तेजी से बदल  रहा है। आने वाले वक्त में टीवी चैनल लोगों की पॉकेट में होंगे और मोबाइल उपभोक्ता जब चाहेगा दुनिया के किसी भी देश की खबरें देख लेगा। दुनियाभर में ऑनलाइन टीवी का बाजार लगातार बढ़ रहा है। इंटरनेट पर लोगों को तमाम जानकारियां और सूचनाएं प्रदान करने वाली कंपनी गूगल अब ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचने की रणनीति बना रही है।

इंटरनेट टीवी के बढ़ते दायरे को देखते हुए गूगल अब सौ से ज्यादा टीवी चैनल लांच करने की तैयारी में है। इनमें से ज्यादातर टीवी चैनल अमेरिकी बाजार को ध्यान में रखते हुए प्लान किए जा रहे हैं। लेकिन एशिया  के जिन देशों में गूगल का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है, उन देशों के लिए भी गूगल इंटरनेट टीवी चैनल लांच करने पर विचार कर रहा है। इंटरनेट पर अब चौबीस घंटे चलने वाले खबरिया और मनोरंजन चैनलों की भरमार हो चुकी है। दुनियाभर में लोग अपनी पसंद और भाषा के हिसाब से चैनलों को देखते हैं।

गूगल टीवी सर्विस के नए संस्करण के साथ कंपनी बाजार में उतरी है। खबर है कि दुनियाभर में अपने नेटवर्क को मजबूती प्रदान करने के लिए गूगल प्रबंधन दुनिया की नामी-गिरामी मीडिया कंपनियों से बातचीत कर रहा है ताकि उनकी साझेदारी से आने वाले चैनलों को मजबूती मिल सके। अपने टीवी चैनलों को लोकप्रिय बनाने के लिए भी गूगल ने यू-ट्यूब पर 20 से ज्यादा श्रेणियों में अलग-अलग कार्यक्रमों को प्रस्तुत करने की योजना तैयार की है।

गूगल प्रबंधन का कहना है कि पहले कॉमेडी, फिल्म और खेल के चैनलों को लांच किया जाएगा, उसके बाद न्यूज चैनलों को लांच करने की तैयारी की जाएगी। गूगल ने दावा किया है कि फिलहाल लोगों को यू-ट्यूब पर जिस तरह के वीडियो देखने को मिलते हैं, उनसे कहीं ज्यादा अच्छी श्रेणी के कार्यक्रम उसके चैनलों पर दर्शकों को दिखाई देंगे। इसके लिए गूगल बड़े तकनीकी परिवर्तन कर रहा है ताकि इंटरनेट पर टीवी देखने वालों को अच्छी तस्वीर दिखाई दे। वास्तव में आने वाले वक्त में इंटरनेट पर प्रसारित होने वाले चैनल टीवी चैनलों के लिए चुनौती पेश करने वाले हैं।

भारत में प्रसारित होने वाले खबरिया और मनोरंजन चैनलों द्वारा अब तक धड़ल्ले से यू-ट्यूब के वीडियो का उपयोग किया जाता रहा है। कई चैनलों पर तो यू-ट्यूब के मार्फत कई कार्यक्रम भी चल रहे हैं।

ऐसे चैनलों को गूगल के नए चैनलों के बाद  काफी मुश्किल पेश आ सकती है। गूगल की योजना है कि इंटरनेट पर प्रसारित होने वाले टीवी चैनलों का ज्यादातर हिस्सा उसके पास ही रहे ताकि इस बढ़ते बाजार के अधिकतर हिस्से पर कब्जा किया जा सके। इंटरनेट पर संचालित होने वाले टीवी चैनलों को अब तक कोई ज्यादा अच्छा रेस्पांस नहीं मिल पाया, लेकिन गूगल का कहना है कि वह नई तकनीक और रणनीति के माध्यम से इस सर्वसुलभ माध्यम को लोकप्रिय बनाएगा। दुनियाभर में मोबाइल के बढ़ते बाजार और विशाल नेटवर्क के बाद इंटरनेट की कनेक्टिविटी भी बढ़ी है। बाजार में जब से टैबलेट डिवाइस आई है तब से ऑनलाइन टीवी का प्रचलन भी बढ़ा है।

भारत में भी ऑनलाइन टीवी चैनल देखने वालों की संख्या बढ़ रही है। फिल्मी, कॉमेडी और क्षेत्रीय भाषाओं के ऑनलाइन टीवी चैनल इंटरनेट पर उपलब्ध हैं। कई बड़े खबरिया चैनलों के बुलेटिनों के इंटरनेट संस्करण भी देखे जा सकते हैं। भारत के इंटरनेट पर तेजी से पांव पसारते ऑनलाइन टीवी चैनलों को विदेशों में काफी पसंद किया जा रहा है।

अगर इंटरनेट  पर उपलब्ध टीवी चैनल इसी तरह लोकप्रिय होते गए तो देश में संचालित होने वाले सभी मनोरंजन और खबरिया चैनलों के इंटरनेट संस्करण भी जल्दी ही समने आ जाएंगे। जानकार बताते हैं कि अगर यह प्रतिस्पर्धा इसी तरह से बढ़ती रही तो ऑनलाइन टीवी चैनल भी लोकप्रिय होते जाएंगे। गूगल के सौ से ज्यादा ऑनलाइन टीवी चैनल अगर शुरू हो गए तो भारत के टीवी चैनलों पर भी इनका प्रभाव पड़ेगा।

ऑरिजनल वीडियो प्रोग्रामिंग से जुड़े ये सभी चैनल कहीं भी कभी भी आसानी से उपभोक्ताओं को उपलब्ध होंगे। इसके लिए गूगल प्रबंधन दुनिया के मशहूर मोबाइल फोन निर्माताओं और टैबलेट डिवाइस बनाने वाली कंपनियों से भी बातचीत कर रहा है। अब ड्राइंगरूम में बैठ कर टीवी देखने के दिन हवा होने वाले हैं। टीवी आपकी जेब में ही जगह बनाने वाला है।

नकुव की इस रिपोर्ट को 'शुक्रवार' मैग्जीन से साभार लेकर यहां प्रकाशित किया गया है.

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