हिन्दी से मराठी होने के कारण टीवी 9 के दर्जनों हिन्दी भाषी पत्रकार घर बैठने को मजबूर हो गए हैं। कुछ दिनों पहले ही दिल्ली से मुंबई आए कई पत्रकार फिर दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। मगर दिल्ली में तो और भी हालात बद्तर हैं।
महुआ के मारे पत्रकार अब भी रोजी रोटी की तलाश में हैं। पिछले दिनों टीवी9 से एकमुश्त विदा हुए पत्रकारों की संख्या दो दर्जन से ज्यादा है। हालांकि इनमें से कई लोग अब यह कह रहे हैं कि उन्होंने खुद इस्तीफा दिया, निकाला नहीं गया।
लेकिन सच्चाई यह है कि ज्यादातर को छोड़कर जाने को कह दिया गया था और कुछ ने तुरंत किसी नए संस्थान में कोई व्यवस्था कर ली। फिलहाल भड़ास उन नामों को यहां प्रकाशित नहीं कर रहा है जिसे निकाला गया। खबर ये भी है कि इनपुट और आउटपुट से कई बड़े ओहदेदारों की भी छुट्टी तय है। भगवान बचाए ऐसे चैनलों से। कब रोजी-रोटी छीन लें देवताओं के पत्रकार नारद भी नहीं जानते।





