Om Thanvi : आप क्या समझते हैं राजनाथ सिंह ने यह लाल क़ालीन नरेन्द्र मोदी के लिए बिछाया है? यह बड़ी कुशल ऐयारी है। कल एनडीटीवी पर मैं तो कह आया कि मोदी के बहाने आडवाणी को घर बिठा कर राजनाथ सिंह ने अपनी राह का पहला रोड़ा दूर किया है। जेटली-सुषमा को मोदी के पीछे खड़ा कर दूसरा।
फिर मोदी में हवा भर, थोड़ा उनकी ऊर्जा और कथित लोकप्रियता/दबंगई/कार्यकुशलता आदि का फायदा उठाते हुए वे ठीक मौके पर अपने आप को आगे ला खड़ा करेंगे। उसी संघ की मदद से जिसे मोदी की अंतरिम ताजपोशी का खेल कर अभी उन्होंने बहुत खुश कर दिया है। अगर राजग सत्ता के करीब पहुंचा, राजनाथ भी जानते हैं मोदी के नाम पर एक राय कभी शायद ही बन पाए। मोदी हिंसा और विद्वेष के प्रतीक हैं, गुजरात का कलंक देश की रहनुमाई का टीका नहीं बन सकता। सो अगर कोई भाजपा का प्रधानमंत्री बनता दीखता है और मोदी के नाम पर भाजपा और राजग — दोनों में — गदर मचता है तो तुर्रा-कलगी के लिए राजनाथ सिंह अपनी जगह क्या किसी और का सिर आगे करेंगे? भूलिए मत कि अचानक भाजपा के अध्यक्ष वे कैसे बन गए थे!
वरिष्ठ पत्रकार एवं जनसत्ता के संपादक ओम थानवी के एफबी वॉल से साभार.






