प्रतापगढ़ डिप्टी एसपी मामले में नेशनल ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन तथा विभिन्न चैनलों एनडीटीवी (हिंदी), एनडीटीवी 24×7 (अंग्रेजी), आइबीएन-7, सीएनएन-आइबीएन, आज तक, हेडलाइंस टुडे, ईटीवी उत्तर प्रदेश, इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज़, न्यूज़ 24 को मैंने एक ही प्रारूप में अलग-अलग शिकायत/सुझाव पत्र भेजे हैं. इस सम्बन्ध में प्रेषित सभी पत्र की प्रति भेज रही हूँ. -नूतन ठाकुर
प्रिय महोदय,
मैंने प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) में डिप्टी एसपी की हत्या मामले में आपके दो चैनल (NDTV India, NDTV 24X7) द्वारा प्रस्तुत खबरों को नेशनल ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन के स्वीकार्य पत्रकारिता के स्थापित मान्यताओं के विपरीत मानते हुए इस सम्बन्ध में दिनांक 05/03/2013 को एसोसियेशन को निम्न निवेदन किये थे-
1. इन सभी न्यूज़ चैनलों को मेरे इस पत्र के सन्दर्भ में इन खबरों में निष्पक्षता, प्रामाणिकता और तटस्थता नहीं बनाए रखने के विषय में अपने स्तर से भूल-सुधार नोटिस जारी कर दर्शकों को अवगत कराने के निर्देश निर्गत करने की कृपा करें.
2. सभी सम्बंधित न्यूज़ चैनलों को मेरे इस पत्र के सन्दर्भ में भविष्य में अपनी खबरों में निष्पक्षता, प्रामाणिकता और तटस्थता बनाए रखने के विषय में एडवाईजरी निर्गत करने की कृपा करें जिनमे यह बात अंकित हो कि मात्र पुरानी खराब छवि आदि के आधार पर आपराधिक मामलों में सहभागिता के विषय में पूर्वानुमान/मंतव्य स्थापित कर मीडिया ट्रायल करने के स्थान पर निष्पक्ष तथ्यपरक समाचार प्रसारित किये जाएँ
3. सभी सम्बंधित न्यूज़ चैनलों को मेरे इस पत्र के सन्दर्भ में भविष्य में आपराधिक मामलों में बिना पर्याप्त अभिलेखीय, मौखिक तथा अन्य साक्ष्य के कोई अंतिम निष्कर्ष निकाल कर एक्टिविस्ट जर्नलिज्म किये जाने की प्रवृत्ति से बचने की एडवाईजरी निर्गत करने की कृपा करें
कोई जवाब नहीं आने पर मैंने पुनः इस सम्बन्ध में दिनांक 06/03/2013 को ईमेल भेज कर जानकारी ली थी कि चूँकि मैंने एसोसियेशन को शिकायत भेजी है, तो क्या वह शिकायत स्वीकार्य होगी अथवा मुझे अलग-अलग सभी चैनलों से संपर्क करना होगा.
मुझे इस सम्बन्ध में ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन की ओर से दिनांक 08/03/2013 को सुश्री एनी का मेल प्राप्त हुआ है जिसमे मुझे अलग-अलग संपर्क करते हुए उन्हें भी प्रतिलिपि देने के निर्देश हैं. मैं इसके क्रम में आपको नेशनल ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन को प्रेषित अपनी शिकायत/सुझाव की प्रति तथा इस सम्बन्ध में हुए समस्त पत्राचारों की प्रति तत्काल संज्ञान में ले कर आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रेषित कर रही हूँ.
डॉ नूतन ठाकुर
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर,
लखनऊ-226010
# 94155-34525
एसोसियेशन को प्रेषित मूल शिकायत/सुझाव की प्रति—
सेवा में,
चेयरमैन,
न्यूज़ ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन,
नयी दिल्ली
विषय- तमाम न्यूज़ चैनलों में दिखाए गए समाचारों के सम्बन्ध में जांच कर आवश्यक एडवाईजरी जारी करने विषयक
महोदय,
कृपया निवेदन है कि मैं डॉ नूतन ठाकुर लखनऊ स्थित एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ जो विशेषकर प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की दिशा में कार्य करती हूँ. आपको ज्ञात होगा कि एक युवा और उत्साही डिप्टी एसपी श्री जिया उल हक की दिनांक 02/03/2013 (शनिवार) को कुंडा क्षेत्र, जनपद प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश में हुई हत्या हो गयी. यह इलाका सामान्यतया उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का गढ़ माना जाता है.
इस हत्या के बाद शहीद डिप्टी एसपी की पत्नी सुश्री परवीन आज़ाद द्वारा धारा 302 आईपीसी सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराया गया. इस एफआईआर में अन्य लोगों के अलावा श्री राजा भैया भी 120बी आईपीसी में षडयंत्र करने के दोषी बताए गए हैं. मामले की विवेचना वर्तमान में चल रही है. एफआईआर पंजीकृत होने के बाद श्री राजा भैया ने उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और खबरों के अनुसार यह विवेचना सीबीआई को सुपुर्द की जा रही है. .
ये सारे ऐसे तथ्य हैं जिन पर किसी प्रकार के टिप्पणी की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती. लगभग सभी न्यूज़ चैनलों ने इस मामले से जुडी तमाम खबरों को घटना घटने के बाद से ही काफी प्रमुखता से दर्शाया. मैं दिनांक 02/03/2013 तथा 03/03/2013 को यात्रा पर होने के नाते समाचार नहीं देख सकी पर दिनांक 04/03/2013 प्रातः से रात्रि लगभग 10 बजे तथा पुनः आज दिनांक 05/03/2013 को विभिन्न न्यूज़ चैनल यथा एनडीटीवी (हिंदी), एनडीटीवी 24×7 (अंग्रेजी), आइबीएन-7, सीएनएन-आइबीएन, आज तक, हेडलाइंस टुडे, ईटीवी उत्तर प्रदेश, समाचार प्लस, इंडिया न्यूज़, इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज़, न्यूज़ 24 आदि पर विभिन्न समयों पर देखा.
मैं यहाँ इन समाचारों से जुड़े एक खास पहलू पर आपका विशेष रूप से ध्यानाकर्षण चाहती हूँ. यह पहलू है श्री राजा भैया के सम्बन्ध में दर्शाये गए समाचार. मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगी कि मैं किसी भी प्रकार से श्री राजा भैया से जुडी नहीं हूँ. ना तो मैं राजनीति में हूँ, ना समाजवादी पार्टी से जुडी हूँ और ना ही मैं उस इलाके से सम्बन्ध रखती हूँ. मैं श्री राजा भैया को मात्र मीडिया के जरिये ही जानती हूँ जहाँ वे आमतौर पर एक अत्यंत दबंग बाहुबली राजनेता के रूप में प्रदर्शित किये जाते हैं जिनका अपराध से गहरा और पुराना रिश्ता है.
मुझे यह अच्छा लगेगा यदि श्री राजा भैया न्यायिक प्रक्रिया के तहत पूर्व लंबित अथवा इस नए अपराध में दण्डित किये जायेंगे. पर इसके साथ यह तथ्य भी विशेष रूप से ध्यान में रखे जाने की जरूरत है कि जिस प्रकार से उपरोक्त वर्णित सभी न्यूज़ चैनलों ने इस सामाचार में श्री राजा भैया के सम्बन्ध में खबरें प्रस्तुत की हैं वे निष्पक्ष समाचार नहीं दिख कर एकपक्षीय समाचार जान पड़ते हैं. यह मीडिया ट्रायल का महत्वपूर्ण उदाहरण बन कर सामने आता है. इन न्यूज़ चैनलों को देख कर ऐसा लगता है मानो इनकी कोई नैतिक, विधिक और सामाजिक जिम्मेदारी हो कि श्री राजा भैया तत्काल दण्डित कर दिये जाएँ.
मैं दिनांक 05/03/2013 को प्रातः नौ बजे से दस बजे के बीच विभिन्न न्यूज़ चैनल पर आ रहे न्यूज़ हाईलाईट/ब्रेकिंग न्यूज़ के नमूने प्रस्तुत कर रही हूँ-
आईबीएन 7- “राजा भईया की गिरफ़्तारी कब , आरोपी राजा भईया अब तक गिरफ्तार नहीं , आरोपी राजा भईया से अब तक पूछताछ नहीं”
आज तक- “राजा भईया की होगी गिरफ़्तारी?”
तेज – क्या राजा भईया की होगी गिरफ़्तारी?”. इसके अतिरिक्त जुर्म का भईया, एक राजा का गुनाह, गुंडे को डर किससे लगता है जैसे हाईलाईट भी लगातार दिखाए गए.
इडिया न्यूज़- “राजा की राजनीति का रक्त चरित्र” नामक एक समाचार दिखाया गया जो पिछली तारीख को भी दिखाया गया था
इंडिया न्यूज़- “राजा भैया आज गिरफ्तार होंगे?” “परसों एफआईआर, कल इस्तीफा, आज गिरफ्तार” “कौन बचा रहा है राजा भैया को?”
CNN-IBN- “Akhilesh Promises Slain DSP’s Kin Of Arrest “, Will Akhilesh Keep Promise” “Will Raja Bhaiya Be Arrested?”
Headlines Today-“Will Raja Bhaiya be arrested?”
न्यूज़ 24- “सलाखों के पीछे जायेंगे राजा भईया”
NDTC 24×7- “Will Raja Bhaiya be arrested?”
उपरोक्त सभी न्यूज़ हाईलाईट से साफ़ दिखता है कि ये समाचार नहीं हो कर पूर्वानुमान हैं और अपने मंतव्य हैं. इन खबरों से ऐसा माहौल बनता है कि चूँकि श्री राजा भैया समाज के लिए हर प्रकार से अवांछनीय हैं, बहुत गलत आदमी हैं और अपराधी हैं, अतः उन्होंने निश्चित रूप से यह अपराध भी किया होगा. अतः इन खबरों में श्री राजा भैया को साफ़ तौर पर इस हत्याभियोग का अभियुक्त और दोषी बता दिया जा रहा है. एक प्रकार से यह तय कर दिया जा रहा है कि चूँकि श्री राजा भैया का बहुत पुराना आपराधिक इतिहास है, अतः वे इस मामले में भी निश्चित रूप से ही अभियुक्त और दोषी होंगे. यदि अभियुक्त और दोषी हैं तो उनकी तत्काल गिरफ़्तारी होनी चाहिए. इसके विपरीत विधिक स्थिति मात्र यह है कि अभी इस मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है. एफआईआर करने वाली शहीद डिप्टी एसपी की पत्नी ने श्री राजा भैया को षडयंत्र का दोषी बताया है. वे इस मामले में श्री राजा भैया को ही पूरी तरह दोषी और जिम्मेदार मान रही हैं. चूँकि शहीद की पत्नी ऐसे गंभीर आरोप लगा रही हैं, अतः इसे बहुत ही गम्भिता और तत्परता से लिया जाना चाहिए. पर इसका यह अर्थ कदापि नहीं लगा लेना चाहिए कि मामले में सभी बातें पूरी तरह साफ़ हो गयी हैं. मीडिया, विशेषकर इलेक्ट्रौनिक मीडिया जिसमे उपरोक्त वर्णित न्यूज़ चैनल भी शामिल हैं, को यह चाहिए कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की प्रतीक्षा करें, ना कि अपनी तरफ से ही विवेचना कर के किसी व्यक्ति को कातिल और अभियुक्त घोषित कर दें.
बहुत संभव है कि कल को विवेचना में श्री राजा भैया दोषी पाए जाएँ और उनकी गिरफ़्तारी भी हो. वह एक अलग बात होगी. पर इलेक्ट्रौनिक मीडिया द्वारा निष्पक्ष प्रस्तुति को त्याग कर अपने स्तर से जज और निर्णायक की भूमिका में आ जाना और श्री राजा भैया के विरुद्ध एक प्रकार का कैम्पेन प्रारम्भ कर देना निष्पक्ष और तटस्थ पत्रकारिता के मापदंडों के प्रतिकूल दिखता है. इन समाचारों से यह स्पष्ट आभास होता है कि मीडिया (उपरोक्त न्यूज़ चैनल सहित) चाहती है कि श्री राजा भैया दोषी हों और उनकी यथाशीघ्र गिरफ़्तारी हो. यह स्थिति मात्र इसीलिए खतरनाक है क्योंकि यदि बाद में खुदा-ना-खास्ता विवेचना के बाद यह बात सामने आती है कि श्री राजा भैया इस मामले में दोषी नहीं थे, तो यह उनके साथ तो अन्याय होगा ही, निष्पक्ष पत्रकारिता पर भी एक प्रश्नचिन्ह बन कर खड़ा हो जाएगा. अतः संभवतः उचित यह होता कि न्यूज़ चैनल सभी तथ्य उन व्यक्तियो की बानगी प्रस्तुत करते जो ऐसी बातें कह रहे हैं और उसके साथ ही दूसरे पक्ष को भी अपनी बात कहने का पूरा अवसर देते और उनकी बात भी उसी प्रमुखता से प्रस्तुत करते ताकि दर्शकों के सामने सारी बातें तथ्यात्मक रूप से सामने आ पाती और मीडिया के जज बन जाने की स्थिति नहीं दिखती.
मैं इस सम्बन्ध में आप द्वारा बनाए गए Code of Ethics and Broadcasting standards के भाग-एक और भाग- दो के निम्न महत्वपूर्ण अंश प्रस्तुत किया जाना उचित समझती हूँ-
SECTION – 1
FUNDAMENTAL PRINCIPLES
4) Broadcasters shall, in particular, ensure that they do not select news for the purpose of either promoting or hindering either side of any controversial public issue. News shall not be selected or designed to promote any particular belief, opinion or desires of any interest group.
6)Broadcasters shall ensure a full and fair presentation of news as the same is the fundamental responsibility of each news channel. Realizing the importance of presenting all points of view in a democracy, the broadcasters should, therefore, take responsibility in ensuring that controversial subjects are fairly presented, with time being allotted fairly to each point of view. Besides, the selection of items of news shall also be governed by public interest and importance based on the significance of these items of news in a democracy
Section 2
Principal of Self Regulations
1)Impartiality and objectivity in reporting: Accuracy is at the heart of the news television business. Viewers of 24 hour news channels expect speed, but it is the responsibility of TV news channels to keep accuracy, and balance, as precedence over speed. If despite this there are errors, channelsshould be transparent about them. Errors must be corrected promptly and clearly, whether in the use ofpictures, a news report,
a caption, a graphic or a script. Channels should also strive not to broadcast anything which is obviously defamatory or libelous. Truth will be a defense in all cases where a larger public interest is involved, and in even these cases, equal opportunities will be provided for individuals involved to present their point of
view.
2) Ensuring neutrality: TV News channels must provide for neutrality by offering equality for all affected parties, players and actors in any dispute or conflict to present their point of view. Though neutrality does not always come down to giving equal space to all sides (news channels shall strive to give main view points of the main parties)news channels must strive to ensure that allegations are not portrayed as fact and charges are not conveyed as an act of guilt
मैं उपरिक्त वर्णित इलेक्ट्रौनिक न्यूज़ चैनलों की इस दृष्टि और इस प्रस्तुति को आप द्वारा स्वीकार्य पत्रकारिता के उपरोक्त प्रस्तुत स्थापित मान्यताओं के विपरीत मानते हुए आपसे यह निवेदन करती हूँ कि दिनांक 02/03/2013, 03/03/2013 और विशेषकर दिनांक 04/03/2013 तथा दिनांक 05/03/2013 को इन न्यूज़ चैनल (एनडीटीवी (हिंदी), एनडीटीवी 24×7 (अंग्रेजी), आइबीएन-7, सीएनएन-आइबीएन, आज तक, हेडलाइंस टुडे, ईटीवी उत्तर प्रदेश, समाचार प्लस, इंडिया न्यूज़, इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज़, न्यूज़ 24) में स्वर्गीय जिया उल हक तथा श्री राजा भैया से जुडी खबरों के विषय में अपने स्तर से अवलोकन/जांच कर के एक सम्यक मंतव्य बनाए जाने की कृपा करें और यदि मेरे द्वारा कही गयी बातें और दृष्टिकोण सही साबित होते हैं तो इन निम्न कार्यवाही किये जाने की कृपा करें-
1. इन सभी न्यूज़ चैनलों को मेरे इस पत्र के सन्दर्भ में इन खबरों में निष्पक्षता, प्रामाणिकता और तटस्थता नहीं बनाए रखने के विषय में अपने स्तर से भूल-सुधार नोटिस जारी कर दर्शकों को अवगत कराने के निर्देश निर्गत करने की कृपा करें.
2. सभी सम्बंधित न्यूज़ चैनलों को मेरे इस पत्र के सन्दर्भ में भविष्य में अपनी खबरों में निष्पक्षता, प्रामाणिकता और तटस्थता बनाए रखने के विषय में एडवाईजरी निर्गत करने की कृपा करें जिनमे यह बात अंकित हो कि मात्र पुरानी खराब छवि आदि के आधार पर आपराधिक मामलों में सहभागिता के विषय में पूर्वानुमान/मंतव्य स्थापित कर मीडिया ट्रायल करने के स्थान पर निष्पक्ष तथ्यपरक समाचार प्रसारित किये जाएँ
3. सभी सम्बंधित न्यूज़ चैनलों को मेरे इस पत्र के सन्दर्भ में भविष्य में आपराधिक मामलों में बिना पर्याप्त अभिलेखीय, मौखिक तथा अन्य साक्ष्य के कोई अंतिम निष्कर्ष निकाल कर एक्टिविस्ट जर्नलिज्म किये जाने की प्रवृत्ति से बचने की एडवाईजरी निर्गत करने की कृपा करें
मैं निवेदन करुँगी कि मैंने इन सभी न्यूज़ चैनलों से अलग-अलग पत्राचार नहीं किया है क्योंकि प्रकरण की गंभीरता, तात्कालिकता और व्यापकता को देखते हुए मुझे यह उचित जान पड़ा कि मैं इन सब के विषय में सामूहिक रूप से आपके समक्ष ही प्रकरण संदर्भित करूँ. साथ ही एक बार पुनः यह स्पष्ट करना चाहूंगी कि इस पत्र का श्री राजा भैया या किसी अन्य व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है और ना ही इसे किसी चैनल के विरुद्ध किसी शिकायत के रूप में समझा जाए. मैं इन सभी न्यूज़ चैनलों द्वारा अपना सामाजिक सारोकार समझ कर किये जा रहे प्रयास की मूल भावना को भली-भाँती समझ रही हूँ पर साथ ही यह भी जानती हूँ कि इस प्रकार का पूर्वाग्रह और बिना सम्यक आधार के एक्टिविज्म कई बार अनुचित परिणाम में परिणत हो सकते हैं और इनके निश्चित रूप से हानिपरक और खतरनाक दुष्परिणाम संभव हैं, जिनमे कभी-कभी पूर्व में बदनाम लेकिन मौजूदा मामले में निर्दोष व्यक्ति भी पूर्वाग्रहों के कारण प्रताडित हो सकता है. ऐसी स्थिति से हर स्थिति में बचना इलेक्ट्रौनिक मीडिया की जिम्मेदारी है और मैं यह पत्र मात्र उस जिम्मेदारी के एहसास को दुबारा सामने लाने के प्रयास में लिख रही हूँ.
पत्र संख्या- NT/ZUH/NBA/01 भवदीय,
दिनांक-05/03/2013
(डॉ नूतन ठाकुर )
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
# 94155-34525
[email protected]
पुनः प्रेषित ईमेल-
Respected Chairman,
NBA,
New Delhi.
Sir,
I had sent the following email yesterday but have got no response so far. My only query here is that do I need to send the issue independently to each of these news channels or could they be clubbed together and the matter taken up by you directly because of the urgency and large scope of the issue being raised?
I eagerly wait for the Association's response sir.
Nutan Thakur
# 94155-34525
ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन का ईमेल-
Dear Madam,
As per regulations the first level of redressal is the broadcaster. Please send individual complaints with copy to NBSA . The details to whom the complaint is to be sent is available on the website " Whom to Complain".
Regards,
Annie






