Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

‘डिस्कवरी साइंस’ चैनल पर ‘यूनीवर्स’ : हम मनुष्य इस धरती के नहीं हैं… हम स्टार डस्ट से निर्मित हैं…

Yashwant Singh : ब्रह्मांड में ढेर सारी दुनियाएं पृथ्वी से बहुत बहुत बहुत पहले से है.. हम अभी एक तरह से नए हैं.. हम अभी इतने नए हैं कि हमने उड़ना सीखा है.. स्पीड तक नहीं पकड़ पाए हैं.. किसी दूसरे तारे पर पहुंचने में हमें बहुत वक्त लगेगा.. पर दूसरी दुनियाएं जो हमसे बहुत पहले से है, वहां संभव है ऐसे अति आधुनिक लोग हों कि अब वे टेक्नालजी व बाडी को एकाकार कर पूरे ब्रह्मांड में भ्रमण कर रहे हों, कास्मिक ट्रैवल पर हों…उनके लिए हमारे रेडियो संदेश इतने पिछड़े हों कि वे उसे इगनोर कर दें या पढ़ कर जवाब दें तो उस जवाब को समझने में हमें सैकड़ों साल लग जाएं….

Yashwant Singh : ब्रह्मांड में ढेर सारी दुनियाएं पृथ्वी से बहुत बहुत बहुत पहले से है.. हम अभी एक तरह से नए हैं.. हम अभी इतने नए हैं कि हमने उड़ना सीखा है.. स्पीड तक नहीं पकड़ पाए हैं.. किसी दूसरे तारे पर पहुंचने में हमें बहुत वक्त लगेगा.. पर दूसरी दुनियाएं जो हमसे बहुत पहले से है, वहां संभव है ऐसे अति आधुनिक लोग हों कि अब वे टेक्नालजी व बाडी को एकाकार कर पूरे ब्रह्मांड में भ्रमण कर रहे हों, कास्मिक ट्रैवल पर हों…उनके लिए हमारे रेडियो संदेश इतने पिछड़े हों कि वे उसे इगनोर कर दें या पढ़ कर जवाब दें तो उस जवाब को समझने में हमें सैकड़ों साल लग जाएं….

जरूरी नहीं कि जीवन वहीं हो जहां कार्बन हो… कार्बन विहीन लेकिन सिलिकान बहुल दुनियाओं में भी जीवन है और वहां के जीवन फार्मेट, पैरामीटर, शक्ल-सूरत अलग है… दूसरी दुनियाओं को समझने के लिए जिंदा होने की अपनी परिभाषा को फिर से परिभाषित करने की जरूरत है. बेहद ठंढे और बेहद गर्म दुनियाओं में जीवन है… जीवन बहुत मुश्किल से मुश्किल स्थितियों में बहुत कम एनर्जी से भी कायम रह पाने में संभव है… सरवाइवल के लिए इंटेलीजेंस का होना जरूरी नहीं है… सरवाइवल बेहद मुश्किल हालात में बहुत कम एनर्जी से भी संभव है… जीवन पनपने के जो मूलभूत आधार धरती के लिए अनिवार्य हों वही अन्य दुनियाओं के लिए होना जरूरी नहीं…

धरती पर जो कुछ भी है वह दूसरी दुनियाओं से आया हुआ है.. हम मनुष्य खुद भी यहां धरती के नहीं हैं… हमारा सब कुछ स्टार डस्ट से बना है… यहां लोहा से लेकर कार्बन तक दूसरी दुनियाओं के उठापटक विस्फोट संकुचन के जरिए गिरता उड़ता गलता सुलगता फटता हुआ आया है… ऐसा संभव है कि ब्रह्मांड कि किसी दूसरी उन्नत दुनिया में कोई सुपर इंटेलीजेंट सुपर डेवलप सभ्यता हो जिसके सामने हम बच्चे ही नहीं बल्कि बिलकुल नए हैं.. वे हम पर नजर रखे हुए हों…

ऐसा संभव है कि पूरे ब्रह्मांड के संचालन में कुछ बेहद समझदार और बेहद प्राचीनतम जीवन – सभ्यता का हाथ हो, जिन्हें हर तारे के बुझने, जन्मने, फटने, हर ग्रह और उपग्रह पर जीवन के पैदा होने व नष्ट होने का सही सही हिसाब पता हो… और इस कारण वे अपने को अपनी बेहतरीन तकनीक के जरिए, कास्मिक ट्रैवल के माध्यम से एक तारे से दूसरे तारे या एक ग्रह से दूसरे ग्रह या एक दुनिया से दूसरी दुनिया या एक गैलेक्सी से दूसरी गैलेक्सी या एक प्लानेट से दूसरे प्लानेट में शिफ्ट कर लेने में सक्षम हों… जीवन की जो परिभाषा हमने गढ़ रखी है, वह काफी संकुचित और स्थानीय है. अदृश्य में भी जीवन संभव है, स्थिर में भी जीवन संभव है.. हमने इंटेलीजेंट एलियन्स को लेकर अपने मन-मुताबिक धारणाएं, तस्वीरें, कहानियां पाल रखी हैं.. वो दूसरी दुनियाओं में वहां के माहौल के हिसाब से बिलकुल अलग तरीके के जीवित हो सकते हैं जिन्हें संभव है हम जिंदा ना मानें…

डिस्कवरी साइंस चैनल पर मार्च महीने में यूनीवर्स को लेकर रोजाना रात 9 बजे आने वाले प्रोग्राम से मिले ज्ञान के कुछ अंश की कड़ियों को अक्रमबद्ध रूप से जोड़ने-तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश .. 🙂 और इसी प्रक्रिया में उपजी ये चार लाइनें…

हर रोज खुद को तुम को सब को बड़े आश्चर्य से निहारता हूं
हर रोज ज़िंदगी होने, न होने के बीच के थोड़े मायने पाता हूं
हर रोज अपने अंदर-बाहर के दुनियादारी से दूर हुआ जाता हूं
हर रोज कुछ नया कुछ चमत्कार सा हो पड़ने का भ्रम पाता हूं

जैजै

और हां, आप भी देखा करें. बुद्धि खुलेगी. अहंकार कम होगा. रात 9 बजे. डिस्कवरी साइंस पर. पूरे मार्च महीने. ब्रह्मांड को लेकर एक शानदार प्रोग्राम. 

भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

संपर्क: https://www.facebook.com/yashwant.bhadas4media


यशवंत का लिखा ये भी पढ़ सकते हैं…

दलाल कार्पोरेट मीडिया को गरियाने की हिम्मत दिखाने वाले केजरीवाल के प्रति मेरे मन में इज्जत और बढ़ गई है


संबंधित ये आलेख भी पढ़ सकते हैं…

सीमाओं में बंधे राष्ट्रों-देशों को छोड़ें, आओ वापस अपने जंगलों की तरफ चलें

xxx

मीडिया के साथी इस वैदिक विद्वान के ब्रह्मांड उत्पत्ति से संबंधित बातों-दावों पर गौर करें

xxx

युद्धस्व विगतज्वर: … निश्चिंत होकर युद्ध करो..

xxx

शुक्रिया हरिवंश जी, इस अदभुत अमेरिकी स्वामी की किताब (आटोबायोग्राफी) पढ़ाने के लिए…

xxx

काहे का हैप्पी न्यू इयर : पृथ्वी ने सूरज का एक पूरा चक्कर लगा लिया, हम जहां से चले थे, वहीं आ गए

xxx

नया साल और यशवंत : हे 2014, मेरे में भागने का साहस भर देना…

xxx

छेड़छाड़, अदालत, आदेश, आटो, उम्र, जीवन और दर्शन…. ओ भोला भाई!

xxx

अल्बर्ट आइंस्टीन का लिखा एक शोक संदेश जो अदभुत और ऐतिहासिक बन गया (पढ़ें पत्र)

xxx

एक बुजुर्ग को छत न मिलना… एक युवा का संघर्ष न खत्म होना… दोनों का मर जाना…

xxx

धरती की उम्र पौने दो अरब साल शेष

xxx

मस्त रहें, कई अरब वर्षों तक जिंदा रहेगी दुनिया

xxx

पागल समय में डीडी मिश्र जैसा स्वस्थ होने का मतलब

xxx

चिल्लाहट, चुप्पी और मौन : आदमी होना या आदमखोर होना बनाम आदमियों से उपर उठना

xxx

सोशल मीडिया और ऑनलाइन एक्टिविज्म पर एलिजाबेथ लॉश को सुनना बेहद दिलचस्प अनुभव रहा

xxx

मुझे अब किसी हीरो की तलाश नहीं… मुझे अब अपने जैसे काहिलों का आस है..

xxx

'जय हिंद' कहता हुए वो शराबी चश्मा लगाए मेट्रो पर सवार होकर ड्यूटी बजाने निकल गया

 

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...