पत्रकार और पत्रकारिता का प्रमुख कार्य है गलत चीजों को सबके सामने लाना, परन्तु अब इस पेशे का स्वरूप बदल गया. पत्रकार अब गलत और गैरकानूनी तथ्यों को सामने लाने की बजाय इसी तरह के कार्य में संलिप्त होते जा रहे हैं, जिसके चलते पत्रकारिता ही बदनाम हो रही है. ऐसा ही एक मामला डिहरी ऑन सोन में सामने आया है. सिंचाई विभाग के आवास पर बाहरी लोगों का अवैध कब्जा है. इस पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पुलिसकर्मी का कब्जा तो है ही, दैनिक जागरण के एक पत्रकार ने भी इस पर कब्जा कर रखा है.
बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग के आवासों में अवैध रूप से रह रहे लोगों को कई बार नोटिस दिया जा चुका है, पर ये खबर अखबारों में लगती ही नहीं है, क्योंकि दैनिक जागरण के पत्रकार कमलेश कुमार ने भी सिंचाई विभाग के आवास पर अवैध कब्जा कर रखा है. इसके चलते इनके पत्रकार मित्र इस खबर को प्रमुखता नहीं देते हैं. हालांकि उनके अवैध कब्जे की बात विभागीय जांच में भी सामने आई है. जिसकी रिपोर्ट सोन के अपर प्रमंडल पदाधिकारी को दी गई है. अब देखना है कि विभाग क्या कार्रवाई करता है, लेकिन पत्रकारों के इस तरह के कामों से पत्रकारिता जरूर बदनाम हो रही है.







