वाराणसी जिले के राष्ट्रीय सहारा के ग्रामीण संवाददाताओं को ढाई साल से कोई मानदेय व किसी प्रकार का भत्ता, खर्चा नहीं मिल रहा है, जिससे कि ग्रामीण संवाददाताओं में काफी रोष है। परन्तु निकाले जाने के भय से कोई आवाज नहीं उठा रहा है। जब भी अखबार की मीटिंग होती है तो सिर्फ विज्ञापन का मांग होता है व मानदेय के बारे में पूछने पर कहा जाता है कि आप लोगों के लिए अच्छा सोचा गया है, लेकिन विज्ञापन बिना अखबार नहीं चल सकता।
अभी तक किसी प्रकार के मानदेय की बात नहीं सामने आ रही है। सभी संवाददाता अपना मोबाइल, वाहन तथा फोटो व फैक्स तक का खर्चा अपने पास से वहन करते हैं। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि संवाददाताओं को अपनी भेजी गई खबर को पढ़ने के लिये भी अखबार तक का पैसा वहन करना पड़ता है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






