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तंगी से जूझ रहे एजेंसी यूएनआई की बदलेगी किस्‍मत!

: बड़ा निवेशक मिलने की चर्चा : नए चेयरमैन के संदेश से कर्मचारियों में उत्‍साह :  नई दिल्ली। करीब एक दशक से वित्तीय संकट का सामना कर रही देश की प्रमुख समाचार एजेंसी युनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया-यूएनआई- की तकदीर ने करवट ली है और एजेंसी को ऐसा निवेशक मिल गया है जो उसे भंवर से निकाल सकता है। यूएनआई के नए चेयरमैन प्रफुल्ल माहेश्वरी के एजेंसी कर्मचारियों को संबोधित एक भीतरी संदेश से भी कर्मचारियों में आशा बंधी है। यूएनआई को सात साल पहले मीडिया बैरन माने जाने वाले सुभाष चंद्रा ने अपनी मुट्ठी में लेने का प्रयास किया था लेकिन एजेंसी के कर्मचारी उसकी स्वतंत्रता को बचाने के लिए खडे़ हो गए और आखिरकार चंद्रा को कंपनी कानून के तहत बाहर जाना पड़ा।

: बड़ा निवेशक मिलने की चर्चा : नए चेयरमैन के संदेश से कर्मचारियों में उत्‍साह :  नई दिल्ली। करीब एक दशक से वित्तीय संकट का सामना कर रही देश की प्रमुख समाचार एजेंसी युनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया-यूएनआई- की तकदीर ने करवट ली है और एजेंसी को ऐसा निवेशक मिल गया है जो उसे भंवर से निकाल सकता है। यूएनआई के नए चेयरमैन प्रफुल्ल माहेश्वरी के एजेंसी कर्मचारियों को संबोधित एक भीतरी संदेश से भी कर्मचारियों में आशा बंधी है। यूएनआई को सात साल पहले मीडिया बैरन माने जाने वाले सुभाष चंद्रा ने अपनी मुट्ठी में लेने का प्रयास किया था लेकिन एजेंसी के कर्मचारी उसकी स्वतंत्रता को बचाने के लिए खडे़ हो गए और आखिरकार चंद्रा को कंपनी कानून के तहत बाहर जाना पड़ा।

सुभाष चंद्रा की कंपनी मीडियावेस्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में यूएनआई पर करीब पांच करोड रूपये की बकाया राशि की वापसी का मुकदमा किया था और सभी को हैरत में डालते हुए यूएनआई ने कोर्ट में भुगतान की योजना का खाका पेश कर दिया। यह भी यूएनआई की तकदीर बदलने का का ठोस संकेत है। यूएनआई का रिवाइवल ऐसे समय में हो रहा है जब पीटीआई अपने कर्मचारियों के भारी असंतोष का सामना कर रही है और 20 अप्रैल को उसके कर्मचारियों ने काम पूरी तरह ठप कर दिया था। पीटीआई के असंतोष से अखबार मालिकों के बीच खलबली मची है और वे दूसरी एजेंसी का आसरा चाहते हैं, जो यूएनआई ही उपलब्ध करा सकती है।

पीटीआई की हड़ताल के समय यूएनआई ने उनके लिए जीवन रक्षक का काम किया। यूएनआई के नए सिरे से खड़ा होने की खबर ऐसी स्थिति में और भी बड़ी राहत लेकर आई है। समाचार एजेंसी के नाम पर आईएएनएस और एएनआई भी मौजूद हैं लेकिन उनकी कवरेज पीटीआई और यूएनआई की तरह व्यापक नहीं है। यूएनआई चेयरमैन ने कर्मचारियों को जारी संदेश में कहा है कि मीडियावेस्ट के केस का समाधान कर लिया गया है और जल्दी ही वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों की बकाया राशि और अन्य देनदारियों का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूएनआई जल्दी नई सेवाएं और नए कार्यालय खोलेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी कायम करेगी।

उन्होंने साइबर जगत में भी यूएनआई को बड़े पैमाने पर लॉन्च करने की घोषणा की। यूएनआई चेयरमैन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि एजेंसी में निवेश कौन करने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यूएनआई बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर एक निवेशक हस्ती को स्थान दिया गया है और समझा जाता है कि यूएनआई में निवेश के सूत्रधार यही नए निदेशक हैं। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि यूएनइआई के संगठन के ढांचे में भी व्यापक बदलाव होने जा रहे हैं और दूसरी वीआरएस पर भी काम चल रहा है।

एजेंसी के नए महाप्रबंधक, नए संपादक और कुछ नए विभागों के गठन की भी जल्दी ही घोषणा किए जाने की संभावना है। चेयरमैन ने बाहर से भी कुछ लोगों को एजेंसी में लाने का संकेत दिया है। सूत्रों ने बताया कि यूएनआई अनेक भाषाओं में अपनी सेवाएं शुरू करेगी, टेलीविजन वीडियो सेवा फिर लाएगी और अनेक केंद्रों के भवनों का निर्माण किया जाएगा। संसद से महज 200 मीटर दूर यूएनआई के 9 रफी मार्ग के बंगले पर भी भव्य भवन के निर्माण की योजना है।

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