कश्मीर की लेखिका शाहिदा, तहलका की खोजी पत्रकार राणा अयूब और सारंगी वादक मुराद अली उन चंद लोगों में शुमार हैं, जिन्हें इस वर्ष के संस्कृति पुरस्कार के लिए चुना गया है। आगामी १८ नवंबर को पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम इन लोगों को सम्मानिक करेंगे। संस्कृति पुरस्कार संस्कृति फाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला सम्मान है, जिसकी शुरुआत १९७९ में हुई है। यह साहित्य, पत्रकारिता, कला, संगीत, थियेटर, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में दिया जाता है।
यह उन लोगों को भी दिया जाता है, जिन्होंने संबंधित क्षेत्रों में बेहतर काम किया है। २५ से ३५ वर्ष के युवाओं को दिए जाने वाले इस पुरस्कार के लिए नामांकन की प्रक्रिया थोड़ी अलग है। सीधे नामांकन के बजाय इसके लिए तभी नामित किया जा सकता है, जब संबंधित क्षेत्र के किसी वरिष्ठ अथवा विशेषज्ञ ने अनुमोदन किया हो। नामांकन के बाद फाउंडेशन ज्यूरी की सहायता से संबंधित व्यक्तियों के कामों को आंकता है, और पुरस्कारों की घोषणा करता है।






