नई दिल्ली : तहलका स्टिंग ऑपरेशन के जरिए रक्षा सौदे में दलाली का खुलासा करने वाले तहलका डॉट कॉम के पत्रकार मैथ्यू सैमुएल ने साकेत कोर्ट में गवाही देने से इन्कार कर दिया है। पत्रकार का कहना है कि सीबीआइ ने उन्हें अभी तक हवाई यात्रा व अन्य खर्चो का भुगतान नहीं किया है और जब तक उन्हें उनकी राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वह अपनी गवाही नहीं देंगे। इस मामले में भुगतान संबंधी विवाद का निपटारा करने के लिए सीबीआई ने अदालत से कुछ समय की मोहलत मांगी है। स्पेशल सीबीआई जज मनोज जैन ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 12 जुलाई मुकर्रर की है।
ज्ञात हो कि मैथ्यू गोवा के रहने वाले हैं और वह रक्षा मंत्रालय में तत्कालीन असैन्य अधिकारी हेमचंद पंत और नरेंद्र सिंह के खिलाफ अभियोजन मामले में महत्वपूर्ण गवाह हैं। उक्त आरोपियों के खिलाफ साकेत कोर्ट में मामला विचाराधीन है। गवाह मैथ्यू सैमुएल सोमवार को मामले के संबंध में अदालत के समक्ष पेश हुए, क्योंकि उनके खिलाफ अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी किया था।
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण, समता पार्टी की तत्कालीन अध्यक्ष जया जेटली और अन्य सरकारी अधिकारियों के खिलाफ स्टिंग करने वाले तहलका के पत्रकार मैथ्यू सैमुएल ने अदालत से कहा कि वह तब तक इस मामले में अपनी गवाही नहीं देंगे। जब तक उन्हें प्रतिदिन 10 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया जाता। मैथ्यू ने कहा कि बंगारू लक्ष्मण और अन्य के मामले में सीबीआई ने उन्हें 25 दिनों तक द्वारका कोर्ट में बुलाया था। सीबीआई ने उन्हें कहा था कि वे उन्हें हवाई टिकट का भुगतान करेंगे। लेकिन हवाई टिकट तो दूर सीबीआई ने उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन के खर्च का भी भुगतान नहीं किया।
गवाह की बात सुनकर अदालत ने कहा कि वह यह महसूस करते हैं कि गवाहों को सरकारी जांच एजेंसी पर्याप्त राशि का भुगतान नहीं करती है, लेकिन अदालत कानून से बंधी हुई है और वह उनकी ओर से की गई मांग के अनुसार खर्च का भुगतान नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि वह अधिक से अधिक इसकी दिल्ली उच्च न्यायालय से सिफारिश कर सकते हैं। साभार : जागरण





