Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

आवाजाही, कानाफूसी...

तीन सौ पत्रकारों को चूना लगाने के प्रकरण में नए तथ्य सामने आए

इन्दौर में पत्रकारों की कालोनी संवादनगर के मामले में एक चौकानेवाला घोटाला सामने आया है। इस घोटाले ने सभी पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों को चौंका दिया है। मामला यह है कि संवादनगर में सतीश जोशी नामक पत्रकार ने सचिव की हैसियत से पत्रकारों को सदस्य बनाकर उनसे धनराशि वसूल करके उन्हें रसीदें दी। ये सिलसिला 1996 से आरंभ हुआ जो साल 2008 तक लगातार चलता रहा। इस अवधि में सैकड़ों पत्रकारों से सतीश जोशी ने कालोनी के नाम पर दस हजार से लेकर साठ हजार तक की राशि वसूल की।

इन्दौर में पत्रकारों की कालोनी संवादनगर के मामले में एक चौकानेवाला घोटाला सामने आया है। इस घोटाले ने सभी पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों को चौंका दिया है। मामला यह है कि संवादनगर में सतीश जोशी नामक पत्रकार ने सचिव की हैसियत से पत्रकारों को सदस्य बनाकर उनसे धनराशि वसूल करके उन्हें रसीदें दी। ये सिलसिला 1996 से आरंभ हुआ जो साल 2008 तक लगातार चलता रहा। इस अवधि में सैकड़ों पत्रकारों से सतीश जोशी ने कालोनी के नाम पर दस हजार से लेकर साठ हजार तक की राशि वसूल की।

बाद में साल 2008 में सतीश जोशी ने यह कालोनी भूमाफियों को बेच दी। भूमाफियों ने इस कालोनी के सभी प्लाट नए सदस्य बनाकर उन्हें दे दिए और पुराने तीन सौ से अधिक पत्रकारों को एक भी प्लाट नहीं मिला। जब इस पूरे मामले की जांच आरंभ हुई तो संवादनगर में प्रशासन ने प्रभारी अधिकारी नियुक्त करते हुए इसके संचालक मंडल को भंग कर दिया। जब पत्रकारों ने प्रभारी अधिकारी के समक्ष अपने प्लाट का दावा प्रस्तुत करते हुए जमा राशि की रसीदें बताई तो प्रभारी अधिकारी ने सतीश जोशी से इसका जवाब मांगा सतीश जोशी ने कहा कि ये रसीदें उसने नहीं काटी है।

प्रभारी अधिकारी सतीश जोशी के इस जवाब पर दंग रह गए वे समझ गए कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी का मामला है जब अंदरूनी जांच हुई तो पता चला कि सतीश जोशी ने दो तरह की रसीद कट्टे बना रखे थे। संस्था का रसीद कट्टा अलग था और एक दूसरा रसीद कट्टा खुद ने संस्था के नाम से बना रखा था वह सदस्यों से पूरी राशि लेकर संस्था की रसीद एक चौथाई राशि की ही काटता इस तरह से संस्था की रसीद में बहुत कम राशि जमा की गई। अब इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद इन्दौर के पत्रकार सतीश जोशी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इन्दौर की पत्रकारिता के इस सबसे बड़े घोटाले में एक भी पत्रकार को प्लाट नहीं मिला और पत्रकारों की कालोनी भूमाफियों को बेच दी गई। इस मामले में सतीश जोशी सबसे बड़ा धोखेबाज पत्रकार साबित हुआ। पत्रकारों की शिकायत पर प्रशासन ने संवादनगर को 25 दागी गृह निर्माण संस्थाओं में शामिल किया है इधर इस नए खुलासे ने पत्रकारों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अपनी ही बिरादरी के लोग पैसे की खातिर कितना गिर सकते हैं।

इन्दौर से अजु‍र्न राठौर की रिपोर्ट

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...