गैर सरकारी संगठन इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एण्ड डाक्यूमेटेशन इन सोशल साइन्सेंस (आईआरडीएस), लखनऊ द्वारा तृतीय आईआरडीएस अवार्ड 2012 आशीष खेतान (प्रिंट मीडिया), शलभ मणि त्रिपाठी (इलेक्ट्रोनिक मीडिया), सुनीता कृष्णन (मानव अधिकार), शकील अहमद (विधि), डॉ. मंजरी त्रिपाठी (चिकित्सा), वेंकट कृष्णन एन (प्रबंधन) तथा संजीव चतुर्वेदी (शासकीय सेवा) को प्रदान किये जा रहे हैं. गोधरा कांड से ले कर टू-जी घोटाले तक जुड़े आशीष खेतान तहलका पत्रिका के खोजी पत्रकार हैं. शलभ मणि त्रिपाठी आइबीएन-7 के लखनऊ स्थित संवाददाता हैं जिन्हें डॉ. सचान हत्याकांड की रिपोर्टिंग बाद पुलिस प्रताड़ना तक का शिकार होना पड़ा.
हैदराबाद स्थित सुनीता कृष्णन प्रज्ज्वला संस्था के माध्यम से ट्रैफिकिंग की शिकार महिलाओं के पुनर्वास हेतु कार्य कर रही हैं. मुंबई स्थित निर्भय बनो संस्था के शकील अहमद न्यायपालिका के माध्यम से अल्पसंख्यक हितों के लिए संघर्षरत हैं. नयी दिल्ली के एम्स की आचार्या डॉ. मंजरी त्रिपाठी द्वारा न्यूरोलोजी और एपिलेप्सी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कार्य किये गए हैं. बैंगलोर स्थित वेंकट कृष्णन एन एकलव्य विद्यालय और गीव इंडिया फाउन्डेशन के माध्यम से सामाजिक प्रबंधन का कार्य कर रहे हैं, जबकि हरियाणा के व्हिसलब्लोवर आईएफएस अफसर संजीव चतुर्वेदी वन क्षेत्र से जुड़ा कई घोटाला सामने लाए हैं. आईआरडीएस पुरस्कार अलोक तोमर, सुरेन्द्र प्रताप सिंह, सफदर हाशमी, वीएन शुक्ला, आनंदी बाई जोशी, मंजुनाथ शंमुगम तथा सत्येन्द्र दुबे के नाम पर 45 वर्ष से कम आयु के लोगों को दी जाती है. पुरस्कारों का चयन सामाजिक रूप से सक्रिय आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की अध्यक्षता वाली जूरी द्वारा किया गया. प्रेस रिलीज






