: कानाफूसी : इंदौर के 'दबंग दुनिया' अखबार में भी इन दिनों भागमभाग का दौर शुरू हो गया है क्योंकि जिस उत्साह से ये अखबार शुरू हुआ था वो अब ठंडा पड़ने लगा है. अखबारों की दुनिया में तो इस अखबार ने कोई दबंगता नहीं दिखाई पर स्टाफ भरने में इस अखबार का कोई मुकाबला नहीं. दबंग दुनिया में आज इतना स्टाफ है कि तीन अखबार निकाले जा सकते हैं. इसके बावजूद यहां काम का कोई तरीका नहीं बन पाया! यही कारण है कि अब यहाँ से लोग भागने लगे हैं.
ताजा मामला प्रदीप जोशी का है, जो पत्रिका अखबार से यहाँ आए थे, लेकिन हालत देखकर किनारे हो गये. अंदर कि खबरें बताती हैं कि यहाँ संपादक कीर्ती राणा से ज्यादा एक रिपोर्टर विनोद शर्मा और फोटोग्राफर वैभव शर्मा की तूती बोलती है. जमीन के घोटालों वाली खबरों में विनोद शर्मा की ख़ास रुचि है और वो महीने में २० दिन ऐसी ही खबरें छापते हैं. वो अघोषित संपादक भी हैं और पुराने पत्रकारों को चमकाते रहते हैं. जबकि वैभव शर्मा फोटोग्राफर हैं पर प्रसार के काम में दखल देते हैं. ऐसे में संपादक ने मौनधारण कर लिया है, क्योकि दोनों शर्मा दबंग दुनिया के मालिक और गुटका किंग किशोर वाधवानी के मुंहलगे हैं. प्रदीप शर्मा के बाद दबंग दुनिया छोड़ने वालों की सुगबुगाहट होने लगी है क्योंकि कोई भी पत्रकार नहीं चाहता कि ज्यादा दिन ऐसे माहौल में रहा जाये.






