Vishnu Gupt : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उछलिये मत, खुशफहमी मत पालिये, यह लोकतंत्र की हत्या है, जनता के अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों के हाथों में हथकंडिया डालना का फैसला है, सोनिया गांधी-राहुल गांधी और मनमोहन सिंह जैसे लोगों की राह आसान होगी…… अब राजनीति पर कारपोरेट घरानों, कारपोरेट चमचों और नौकरशाही का कब्जा होगा, जनता के हितों को लड़़ने वाले लोग चुनाव लड़ने से वंचित होंगे।
उदाहरण एक- अगर आप पानी -बिजली की किल्लत के खिलाफ सड़क जाम करते हैं तो इसके खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कर लेगी, आपको सजा होगी, आप चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
उदाहरण दो- पुलिस अत्याचार और भ्रष्टचार आदि के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं और रोषपूर्ण प्रदर्शन कामकाज बंद कराते हैं तो यह अपराध सरकारी कामकाज में बाधा डालने का बनता है, सजा होगी और आप चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। सत्ताधारी पार्टी साजिश कर किसी को भी जेल भेजवा कर उसे चुनाव लड़ने से वंचित कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट अपने भ्रष्ट न्यायधीशों, नौकरशाही और कारपोरेट घरानों के खिलाफ फैसला देने से क्यों बचती है, इनके खिलाफ मुकदमें को क्यों लटका देती है?टू जी घोटाले में सुप्रीम कोर्ट टाटा और अनिल अंबानी को संरक्षण क्यों प्रदान करता है?
फिर आप सुप्रीम कोर्ट की इस लोकतंत्र की हत्या करने वाले फैसले का समर्थन करते हैं, इस पर उछलते है तों यह मेरी गलती नहीं है। मैं इसका समर्थन किसी भी स्थिति में नहीं कर सकता हूं।
विष्णु गुप्त के फेसबुक वॉल से.






