ये तस्वीर लखनऊ से एक पत्रकार ने मेल की है. तस्वीर मायावती के कमरे के बाहर की है. जो जूते और चप्पल दिख रहे हैं, वे पत्रकारों के हैं. मायावती ने मीडियावालों को बुलवाया लेकिन उन्हें जूते उतार कर ही अंदर आने का फरमान सुना दिया. इस फरमान का अक्षरणः पालन पत्रकारों ने किया. कहने वाले कहते हैं कि मायावती को डर था कि कहीं कोई पत्रकार जूता चप्पल इस्तेमाल करने की रणनीति बनाकर न आ जाएं. जरनैल सिंह वाला प्रकरण सबको याद होगा जिसमें उन्होंने चिदंबरम पर जूते फेंक दिए थे.
हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना था कि सुरक्षा कारणों के चलते जूते चप्पल बाहर निकलवाए गए. वहीं, कुछ अन्य का कहना है कि मनुवाद का विरोध करने वाली मायावती खुद भी मनुवादी हो चुकी हैं, इसी कारण वे जूते चप्पल बाहर निकलवाकर कर घर में घुसने देती हैं. जितने मुंह, उतनी चर्चाएं. फिलहाल देखिए ये चित्र…..

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