सेवा में, संपादक महोदय, भड़ास4मीडिया। निवेदन के साथ कहना है कि आपका यह मीडिया पोर्टल खबर नवीसों की खबर छापता है, इसीलिए आपको दिल में चुभ रही एक खबर के बारे में बता रहा हूं। हरदोई में पत्रकारिता किस तरह राजनैतिक घराने के तलवे चाट रही है। उसका ताजा तरीन यह मामूली सा उदाहरण है। उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमन्त्री नितिन अग्रवाल के पुत्र पैदा हुआ तो हरदोई में हिन्दुस्तान अखबार को खबर मिल गई।
प्रमुख अखबारों में गिने जाने वाले हिन्दुस्तान अखबार ने पत्रकारिता छोड़ चाटुकारिता को अपनाना शुरू कर दिया है। कानपुर में बैठे संपादक हिन्दुस्तान हरदोई कार्यालय की मनमानी से प्रसन्न हैं। विज्ञापन, प्रसार और समाचारों को लेकर हरदोई में कानपुर संस्करण हिन्दुस्तान की साख लगातार गिरती जा रही है। हरदोई राज्यमन्त्री के घर में बच्चा भी पैदा होता वह भी अखबार की खबर बन जाती है।
समाज में हो रहे तमाम जुर्म सितम की घटनाएं पेज 3 की खबर नहीं बन पातीं जबकि राज्यमन्त्री के घर बच्चा पैदा होता है तो वह हिन्दुस्तान में पेज नम्बर 3 के महत्तवपूर्ण कालम संक्षेप की खबर बन जाती है। जाने-माने दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे बड़े अखबारों ने इस खबर को तरजीह नहीं दी हिन्दुस्तान ने दरियादिली से पत्रकारिता के जनहितकारी मूल्यों को ताख पर रखकर चमचागिरी की। समाचार को पोर्टल पर प्रकाशित करने का कष्ट करें।

हरदोई के एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.






