दैनिक जागरण, इलाहाबाद से खबर है कि यहां इंक्रीमेंट के बाद से ही असंतोष व्याप्त है. कर्मचारी इंक्रीमेंट की राशि देखकर संपादक तथा जीएम से बुरी तरह खफा है. खबर है कि यहां तीन-तीन सौ रुपये तक इंक्रीमेंट दिया गया है. जो लोग संपादक अवधेश गुप्ता और जीएम गोविंद श्रीवास्तव को पसंद नहीं थे, उनका इंक्रीमेंट बहुत कम किया गया है. जो लोग चाटुकारिता में प्रवीण थे उन्हें अच्छा खासा इंक्रीमेंट मिला है.
सूत्रों का कहना है कि बनारस की तरह यहां भी इंक्रीमेंट में काम की बजाय गणेश परिक्रमा को तव्वजो दिया गया. बताया जा रहा है कि चपरासी तक का इंक्रीमेंट पत्रकारों से ज्यादा हुआ है. चपरासी तक इंक्रीमेंट की कहानी सुनाकर पत्रकारों की खिल्ली उड़ा रहे हैं. खबर है कि कई पत्रकार अब दूसरे अखबारों में जगह तलाशने में जुट गए हैं. जैसे ही मौका मिलेगा ये लोग जागरण का दामन छोड़ देंगे. पत्रकारों की असंतोष का असर अखबार पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है.






