सोनिया गांधी और उनके पुत्र-पुत्री के खिलाफ अश्लील मैटर प्रकाशित करने के मामले में दैनिक जागरण, पटना के चार कर्मियों को बर्खास्त किए जाने वाली सूचना गलत है. ताजी सूचना के मुताबिक चारों कर्मियों से सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा गया है कि यह गल्ती किन हालात में हुई और क्यों न आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए. सूत्रों के मुताबिक पाठनामा में प्रकाशित जिस पत्र पर बवाल हो रहा है उसकी जिम्मेदारी अमित आलोक के पास थी और अमित आलोक ने बिना पढ़ पत्र को प्रकाशित होने के लिए दे दिया था.
साथ ही पाठकनामा को अंतिम रूप से ओके करने का काम स्थानीय संपादक का होता है. स्थानीय संपादक ने भी नहीं पढ़ा और इसे प्रकाशित होने के लिए दे दिया. इस मामले में रवींद्र पांडेय को भी नोटिस भेजा गया है जो प्रादेशिक प्रभारी हैं और उनका पाठकनामा से कोई लेना देना नहीं. फोरमैन और आपरेटर को भी पत्र भेजा गया है जिनका संपादकीय विभाग से कोई लेना देना नहीं. कायदे से इस गलती के लिए स्थानीय संपादक को तुरंत हटा दिया जाना चाहिए था पर जागरण में अक्सर गाज छोटे कर्मियों पर गिरा दी जाती है और उपर बैठे लोगों को गला हर बार सुरक्षित बच जाता है.
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