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दैनिक जागरण से निकाले गए संत शरण अवस्‍थी

लखनऊ : दैनिक जागरण से एक बड़ी खबर आ रही है। रांची के स्‍टेट हेड रहे और वर्तमान में यूपी डेस्‍क से अटैच चल रहे संत शरण अवस्‍थी को दैनिक जागरण से निकाल दिया गया है। संजय गुप्‍ता के आदेश पर इस्‍तीफा लिखने को कहा गया। मरता क्‍या न करता, उन्‍होंने इस्‍तीफा लिख दिया। इस्‍तीफा लेने की वजह यह बताई जा रही है कि जागरण को अचानक कारपोरेट होने का शौक चर्रा गया है।

लखनऊ : दैनिक जागरण से एक बड़ी खबर आ रही है। रांची के स्‍टेट हेड रहे और वर्तमान में यूपी डेस्‍क से अटैच चल रहे संत शरण अवस्‍थी को दैनिक जागरण से निकाल दिया गया है। संजय गुप्‍ता के आदेश पर इस्‍तीफा लिखने को कहा गया। मरता क्‍या न करता, उन्‍होंने इस्‍तीफा लिख दिया। इस्‍तीफा लेने की वजह यह बताई जा रही है कि जागरण को अचानक कारपोरेट होने का शौक चर्रा गया है।

संतशरण अवस्‍थी तीन भाई हैं और तीनों को जब कहीं और कोई काम नहीं मिला तो जागरण ने इन तीनों भाइयों को अपने यहां नौकरी दे दी। संत शरण अवस्‍थी के छोटे भाई सदगुरु शरण अवस्‍थी बरेली में सम्‍पादकीय प्रभारी हैं। तीसरे भाई रमाशरण अवस्‍थी फैजाबाद जिले में दैनिक जागरण के जिला संवाददाता है। दैनिक जागरण की कोर मीटिंग में तय किया गया कि जागरण एक बड़ी कम्‍पनी है ना कि धर्मशाला, जहां पूरे के पूरे खानदान को नौकरी दी जाए।

नरेंद्र मोहन जी का जमाना और था, जब सबको रोजी रोटी से जोड़ने के लिए तीनों भाइयों को जागरण में नौकरी दे दी गई थी। अब दूसरे लोग भी इसी आधार पर अपने उन भाइयों और पुत्रों के लिए नौकरी का दबाव बना रहे हैं, जिन्‍हें और कहीं रोजगार नहीं मिल पाया है। ऐसे में तय पाया गया कि रिटायरमेंट की तरफ बढ़ते बड़े भाई को सबसे पहले हटाया जाए। फिलहाल अब जागरण में दो भाई बचे हैं। देखना है कि यह दोनो भाई कितने दिन चलते हैं।

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