दैनिक भास्कर इंदौर से खबर है कि खबरें दबाने के नाम पर दसियों लाख रुपये किसी पत्रकार ने किसी शख्स से लिए और अपने साथी पत्रकारों के बीच बांट दिया. इन्हीं पत्रकारों में से किसी एक ने अपना हिस्सा आफिस में जमा कर दिया. बात आगे पहुंची, जांच हुई और पूरा मामला खुला. दो तीन पत्रकारों पर गाज गिरने की खबर है.
कुछ अन्य का कहना है कि खबर रोकने के लिए एक पत्रकार ने दस लाख रुयये मांगे. जिससे पैसे मांगे गए उसने जाकर भास्कर के मालिक से शिकायत कर दी. आरोपी पत्रकार को हटा दिया गया और हटाए गए पत्रकार को एक नए पत्रकार ने तुरंत अपने यहां रख भी लिया. भास्कर, इंदौर को लेकर आजकल मीडिया वालों में खूब चर्चाएं हैं.
कई पत्रकारों के करप्शन में शामिल होने और खबर रोकने के नाम पर जमकर पैसे बनाने का खेल यहां अरसे से खेला जा रहा है. ताजा जो मामला हुआ है, उसमें जांच चल रही है. एक पत्रकार और उसके ससुर जांच के घेरे में हैं. अगर इस पूरे प्रकरण की आपको आथेंटिक जानकारी हो तो भड़ास तक पहुंचाइए, नीचे दिए गए कमेंट बाक्स के जरिए अपनी बात रख कर या फिर भड़ास तक [email protected] के जरिए मेल भेज कर.





