दैनिक भास्कर टाइटिल पर मालिकाना हक को लेकर रमेश अग्रवाल बनाम महेश प्रसाद अग्रवाल के बीच चल रहे मामले में खबर है कि ग्वालियर की एक अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि झगड़े के निपटारा होने तक दैनिक भास्कर टाइटिल पर मालिकाना हक द्वारिका प्रसाद एंड ब्रदर्स का ही माना जाए, इस पर रमेश अग्रवाल का एकाधिकार नहीं हो सकता है.
ग्वालियर कोर्ट के इस फैसले बाद रमेश अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी डीबी कार्प ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया है. महेश प्रसाद अग्रवाल के पुत्र और दैनिक भास्कर, झांसी के संपादक-मालिक संजय अग्रवाल ने रमेश अग्रवाल द्वारा हासिल किए गए स्टे को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है. संजय अग्रवाल ने रमेश अग्रवाल पर अपने को स्वयंभू तरीके से चेयरमैन घोषित करने पर कोर्ट में मामला दर्ज कराया है. भास्कर टाइटिल को लेकर कई अदालतों में मुकदमा चल रहा है.
उल्लेखनीय है कि संजय अग्रवाल के पास दैनिक भास्कर टाइटिल का यूपी के लिए मालिकाना हक है. बिना उनकी मंजरी के झारखंड में रमेश अग्रवाल ने दैनिक भास्कर लांच कराने का फैसला कर लिया था. इस लांचिंग के समय संजय अग्रवाल ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. उस मामले में भी कार्रवाई कोर्ट में जारी है. भास्कर झारखंड विस्तार प्रकरण में भी रमेश चंद्र अग्रवाल और उनके पुत्रों ने स्टे ले रखा है. डीबी कॉर्प के एक और फर्जीवाड़े का मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है.






