अपने प्रतिद्वंद्वी अखबार दैनिक भास्कर के प्रकाशन रोकने संबंधी एक दो साल पुराने खबर में हिंदुस्तान को स्पष्टीकरण छापनी पड़ी है. 22 मई 2010 को प्रकाशित एक खबर में हिंदुस्तान ने संजय अग्रवाल को डीबी कार्प का कोऑनर लिख दिया था. इसको लेकर काफी विवाद हुआ था. खबर है कि इस मामले के कोर्ट में जाने के बाद हिंदुस्तान ने लगभग तीन साल बाद इस मामले में स्पष्टीकरण प्रकाशित किया है.
हिंदुस्तान, पटना के पहले पेज पर प्रकाशित स्पष्टीकरण शीर्षक में लिखा गया है कि 22 मई 2010 को प्रकाशित खबर में भूलवश संजय अग्रवाल को डीपी कार्प का को-ओनर लिखा गया है जबकि वे दैनिक भास्कर टाइटिल के को-ओनर हैं. नीचे हिंदुस्तान में प्रकाशित स्पष्टीकरण….







