नई दिल्ली। मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटेड की चेयरपर्सन शोभना भरतिया की ओर से दायर स्पेशल लीव पीटिशन में आने वाले दिनों में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हिन्दी दैनिक अखबार 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक शशि शेखर, दैनिक हिन्दुस्तान के पटना संस्करण के पूर्व संपादक अकू श्रीवास्तव, भागलपुर संस्करण के संपादक बिनोद बंधु, अखबार से जुड़े अन्य संपादक महेश खरे, विजय भास्कर, विश्वेश्वर कुमार आदि के अखबारी भविष्य को तय करेगा। इन दिनों इस बड़े अखबारी विज्ञापन घोटाले की सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
बिहार के मुंगेर के वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद 13 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की दो सदस्यीय पीठ के समक्ष रिस्पान्डेन्ट नं0-02 मन्टू शर्मा की ओर से बहस पूरी कर चुके हैं। स्मरणीय है कि बिहार के मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित कोतवाली में दैनिक हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर, अकू श्रीवास्तव, बिनोद बंधु भारतीय दंड संहिता की धरा 420, 471, 476 जालसाजी-धोखाधड़ी और प्रेस एवं रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट 1867 की धाराएं 8(बी) 14 और 15 के अन्तर्गत नामजद अभियुक्त हैं। इस कांड के सूचक सामाजिक कार्यकर्ता मंटू शर्मा हैं।
पुलिस अनुसंधान के क्रम में दैनिक हिन्दुस्तान के अन्य संपादकों क्रमशः महेश खरे, बिजय भास्कर, विश्वेश्वर कुमार आदि की मिलीभगत का मामला इस 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन घोटाला में सामने आया है। विश्वेश्वर कुमार वर्तमान में दैनिक हिन्दुस्तान के भागलपुर संस्करण में बतौर स्थानीय संपादक कार्यरत हैं। इस 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन घोटाला में मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटेड की चेयरपर्सन शोभना भरतिया और प्रकाशक अमित चोपड़ा भी नामजद प्रमुख अभियुक्त हैं।
एडवोकेट और जर्नलिस्ट श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट. संपर्क: 09470400813






