उन्नाव से सूचना है कि यहां दो दो सौ रुपये प्रति माह में सहारा प्रेस की नेम प्लेट बिक रही है. चोर, उचक्के और लुटेरे दो सौ रुपये देकर आराम से सहारा प्रेस लिखवा कर घूम रहे हैं. पिछले दिनों उन्नाव पुलिस ने तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया जिनके पास से राष्ट्रीय सहारा प्रेस लिखी मोटरसाइकिल मिली. इसी बाइक से वे लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे. पुलिस ने इस बाइक को भी जब्त कर लिया है.
पुलिस ने जब इन लुटेरों से प्रेस लिखने के बाबत पूछताछ की तो पता चला कि इन लोगों को सहारा समय और राष्ट्रीय सहारा के ही कुछ लोग दो दो सौ रुपये लेकर प्रेस लिखवाकर घूमने की छूट देते हैं. पकड़े गए युवकों के नाम अरुण शुक्ल, प्रवीण और रामू है. इनके पास से तमंचा भी बरामद हुआ है. प्रेस लिखी बाइक होने से कई बार पुलिस वाले बाइक सवारों को मीडियाकर्मी मानकर टोकते नहीं.
इसी की आड़ में ये लड़के लूटपाट करते रहते थे और बच निकलते थे. उन्नाव में सहारा समय या राष्ट्रीय सहारा लिखी बाइकों की भरमार हो गई है. ऐसा इस समूह के कुछ मीडियाकर्मियों द्वारा प्रेस स्टीकर की अवैध बिक्री के कारण हुआ है. पुलिस ने फिलहाल मीडिया का मामला होने के कारण इस प्रकरण को तूल नहीं दिया है लेकिन अगर सहारा प्रबंधन जांच कराए तो पूरे प्रकरण की सच्चाई से पर्दा उठ सकता है.






