गिलट बाजार में पिछले दिनों वाराणसी पत्रकारपुरम आवासीय योजना के लोकर्पण समारोह को लेकर स्थानीय पत्रकारों के बीच उपजी वैमनस्यता और गुटबाजी की गरमी अभी शांत भी नहीं हुई थी कि एक बार फिर यहां का पत्रकार समुदाय दो फाड़ हो गया है। इस बार इसका सबब बना है पत्रकारपुरम में आयोजित स्वर्गीय ईश्वरदेव मिश्र स्मृति सामुदायिक भवन शिलान्यास समारोह। पत्रकारपुरम आवासीय समिति की ओर से रविवार सात अप्रैल को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आये सपा के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उक्त सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 60 लाख रुपये देने की घोषणा कर पत्रकारों का दिल खुश कर दिया।
इस घोषणा से एक ओर जहां पत्रकारपुरम आवासीय समिति को पत्रकार हित के लिए एक महत्वपूर्ण काम करने का श्रेय मिला वहीं दूसरी ओर पत्रकारों का एक खेमा अंदर ही अंदर काफी खिन्न है। इस खेमे से जुड़े काशी पत्रकार संघ के कुछ पदाधिकारियों के अलावा कुछ अन्य पत्रकारों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य खुद के लिए वाहवाही बटोरना ज्यादा और पत्रकार हित कम था। इस शिलान्यास समारोह में काशी पत्रकार सघ के पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी के चलते पत्रकारपुरम के प्लॉट आवंटी पत्रकारों ने संघ के उद्देश्य पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष विनोद सिंह बागी, जिनका नाम स्वर्गीय ईश्वरदेव मिश्र स्मृति सामुदायिक भवन शिलान्यास समारोह के इन्विटेशन कार्ड पर छपा हुआ था, ने भी इस आयोजन पर अपनी खिन्नता व्यक्त की है।
उनका कहना है कि इस समारोह के आयोजन से पहले मुझे विश्वास में नहीं लिया गया। सब कुछ समारोह के संयोजकद्वय धर्मेंद्र सिंह और विकास पाठक ने अपने मन से किया। उनके अनुसार उक्त सामुदायिक भवन स्वर्गीय ईश्वरचंद सिन्हा या स्वर्गीय पं. कमलापति त्रिपाठी के नाम पर बनना चाहिये क्योंकि उनका यहां की पत्रकारिता में अहम योगदान रहा है। उन्होंने स्वर्गीय ईश्वरदेव मिश्र के नाम पर सामुदायिक भवन के निर्माण पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि शिलान्यास समारोह के एक संयोजक धर्मेंद्र सिंह पत्रकार होने के साथ-साथ एक कांग्रेसी नेता भी हैं। यहां इस बात का उल्लेख करना जरूरी है कि श्री बागी खुद भी पत्रकार होने के साथ-साथ पुराने भाजपाई भी हैं। यही वजह है कि वह पिछले दिनों पत्रकारपुरम में आयोजित पत्रकारपुरम आवासीय योजना लोकार्पण समारोह में भाजपा सांसद एवं लोक लेखा समिति के अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी को बुलाने में कामयाब रहे। उस कार्यक्रम का पूरा श्रेय श्री बागी को ही गया था।
हालांकि उस आयोजन से पूर्व पत्रकारपुरम के प्लॉट आवंटी पत्रकारों को विश्वास में न लिये जाने के कारण उनमें काफी नाराजगी थी जिसका असर कार्यक्रम में खाली पड़ी कुर्सियों के रूप में दिखाई दिया था। उस कार्यक्रम के बाद सात अप्रैल को जब पत्रकारपुरम में सामुदायिक भवन शिलान्यास समारोह हुआ तो यहां का पत्रकार समुदाय एक बार फिर बंट गया। इस कार्यक्रम में काशी पत्रकार संघ के प्रमुख पदाधिकारियों के अलावा उनके समर्थक अनुपस्थित थे। यह बात अलग है कि पहले के मुकाबले इस कार्यक्रम में ज्यादा भीड़ थी। लेकिन यह कार्यक्रम संपन्न हो जाने के बाद मुख्य अतिथि मुलायम सिंह यादव कार्यक्रम संयोजक धर्मेंद्र सिंह के आवास पर आयोजित पार्टी में नहीं गये। इस बात को लेकर पत्रकार समुदाय में सुगबुगाहट रही। जब इस बारे में क्लाउन टाइम्स ने सपा के स्थानीय मीडिया प्रभारी गणेश यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि चूंकि धर्मेंद्र सिंह एक कांग्रेसी नेता हैं इसलिए हमारे नेता मुलायम सिंह यादव उनके आवास पर आयोजित पार्टी में नहीं गये। उनके अनुसार पार्टी के स्थानीय नेता महेंद्र सिंह यादव ने एक दिन पहले ही पार्टी मुखिया को सारी बात बताने के साथ ही कांग्रेस के धर्मेंद्र सिंह के आवास पर आयोजित पार्टी में न जाने की सलाह दी थी। (क्लाउन टाइम्स)






