: सत्ता के दबाव में कानून का दुरुपयोग : कटिहार के पत्रकार नीरज के भाई धीरज हत्या कांड में एक नया मोड आया है। पीडि़त पक्ष की आवाज को दाबाने के लिये भाजपा एमएलसी अशोक अग्रवाल ने अपने एक स्टाफ से भाजपा एमएलसी अशोक अग्रवाल गिरफ्तारी की मांग कर रहे मृतक के पत्रकार भाई नीरज पर कटिहार के नगर थाना में रंगदारी का मामला दर्ज कराया है। कटिहार में भाजपा एमएलसी अशोक अग्रवाल पर उनके ही कर्मी धीरज महतो को गोली मारकर हत्या करने क़ा आरोप है।
मृतक धीरज क़ा भाई नीरज जो इस घटना का प्रतियक्षदर्शी भी है उसका आरोप है कि धीरज एमएलसी अशोक अग्रवाल के कंस्ट्रक्शन कंपनी के अररिया साईट पर मुंशी (मैनेजर) के पद पर कार्यरत था। कार्य में गुणवत्ता की शिकायत को लेकर मुंशी धीरज ने कहा कि अररिया के लोगों के गुस्सा का शिकार उसे होना पड़ता हैं और साथ ही अररिया साइट पर जाने से मना कर दिया, जिससे नाराज एमएलसी ने गुस्से में आकर अपने अंगरक्षक के कारबाईन गन लेकर गोली चला दी। धीरज की मौका ए वारदात पर ही मौत हो गई। मामला सहायक थाना क्षेत्र में स्थित अशोक अग्रवाल के पेट्रोल पम्प क़ा था।
दूसरी तरफ एमएलसी साहब ने पहले बताया कि मामला पूरी तरह से अलग है। एमएलसी ने कहा था कि अंगरक्षक बंदूक साफ़ कर रहा था और गलती से उसमें से गोली चल गयी और धीरज की मौत हो गयी। अब इस मामले में पीडि़त पक्ष यानी धीरज के परिजनों पर एमएलसी साहब के एक स्टाफ प्रमोद कुमार मंडल ने कटिहार के नगर थाना में एक मामला दर्ज कराया हैं कि मृतक धीरज के भाई नीरज ने घटना के दिन यांनी 17 जुलाई को 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी और नहीं देने पर अशोक अग्रवाल की गाड़ी में आग लगा दी। इस बात को लेकर रंगदारी का एक मामला दर्ज कराया गया है।
जानकारी हो कि जिस वक्त आक्रोशित भीड़ ने एमएलसी साहब की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी, उसी बीच अशोक अग्रवाल की गाड़ी में भीड़ के हत्थे चढ़ गई थी और लोगों ने गाड़ी में आग लगा दिया था। उस वक्त मृतक धीरज के भाई नीरज शव के साथ कटिहार के शहीद चौक पर प्रदर्शन कर रहे थे और एमएलसी साहब की गाड़ी में आग ठीक उसी वक्त सदर अस्पताल में आक्रोशित भीड़ ने लगा दी थी। पर सत्ता का दबाव देकर एमएलसी ने पीडि़त पक्ष पर ही मुकदमा करा दिया।





