: मैं बेचारा, एस1 का मारा : श्रीमान यशवंत सिंह जी, संपादक भड़ास4मीडिया। महोदय, मैं सतेंद्र कुमार एसवन न्यूज चैनल में सीनियर आरएफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। मैंने एसवन से जून 2011 में इस्तीफा दे दिया था और चैनल वन ज्वाइन कर लिया था। इस्तीफा देते समय एसवन के सीईओ समीर दीक्षित ने मुझसे कहा था कि जरूरत होने पर हम बुलाए तो आते रहना, इसलिए जून से सितंम्बर के बीच जब-जब भी किसी एसवन के टेलीकॉस्ट में दिक्कत आई और मुझे बुलाया गया तो मैं बिना किसी भेद-भाव या लालच के एसवन की प्रॉब्लम ठीक करता रहा। सितंबर में एसवन को रिज्वाइन करने के लिए फिर से बुलाया गया। मैंने से अपने पीएफ, ईएसआई और ईएल, सीएल के समायोजन की शर्त पर रिज्वाइन कर लिया।
यह भी तय हुआ था कि जो सेलरी चैनल वन में मिल रही है उसी के आधार पर सेलरी दी जाएगी। मुझे सेलरी नवंबर में दी गई तो वही पुराना स्केल लगाया गया। मैंने सीईओ समीर दीक्षित से कहा कि ये तो वादा खिलाफी और धोखा है। तो उन्होंने तल्ख और अपमान जनक भाषा में कहा कि अपना हिसाब कर लो हमें तुम्हारी कोई जरूरत नहीं है। जब मैंने अपने पीएफ, ईएसआई और ईएल, सीएल के समायोजन-भुगतान करने को कहा तो उन्होंने साफ-साफ इंकार कर दिया। इसके बाद मैंने उन्हें एक नोटिस भी दिया ताकि थाना पुलिस के बिना ही मुझे मेरा बाजिव हक और मेहनत का पैसा मिल जाए। लेकिन एसवन के इन मालिकों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
हार कर मैंने नोएडा सेक्टर 24 थाने को अपनी तहरीर दे दी। और अपने बाजिव हक के लिए आगे की कानूनी लड़ाई खुद अकेले लड़ने की ठानी है। हक और न्याय की इस लड़ाई में अगर कोई साथ देगा तो उसका आभारी रहूंगा। आपके माध्यम से मैं सभी पत्रकार और गैर पत्रकार मीडिया कर्मियों से साथ और सहयोग की प्रार्थना करना चाहूंगा। मैंने नोटिस की कॉपी पीएफ और ईएसआई अफसरों के अलाबा एनबीए और प्रेस काउंसिल को भेजी है। पता नहीं कोई मेरी व्यथा सुनेगा भी या नहीं। आपको भी ईमेल कर रहा हूं इस भरोसे से कि आप जरूर व्यथा समझेंगे। मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूं, इस लिए बातें बना कर नहीं लिख सकता जो जैसा है वैसा लिख दिया है। नोटिस की कॉपी आपको भी भेज रहा हूं।
धन्यवाद,
सतेंद्र कुमार
मोबाइल नम्बर 9868678629






