जागरण द्वारा नईदुनिया को खरीदने की चर्चाओं के बीच ग्वालियर में नईदुनिया में रविवार को रिपोर्टरों के कामकाज में बदलाव हुआ है. सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन से पटरी न बैठा पाने वाले संपादक ने सभी रिपोर्टरों के कामकाज में बदलाव कर दिया है. कुछ लोग कह रहे हैं कि संपादक ने प्रबंधन को खुश करने के लिए घुटने टेकते हुए अपने ही लोगों को सूली पर लटका दिया है. संपादक की नाक का बाल कहे जाने वाले चंद्रवेश पांडे या यूं कहें अखबार में संपादक के लिए नाक-कान का काम करने वाले चंद्रवेश पांडे को पहली बार लूप लाइन में डालने की हिम्मत संपादक जुटा पाए हैं. वो अब सेंट्रल डेस्क संभालेंगे.
क्राइम रिपोर्टर अर्पण राउत को डेस्क पर लाया गया है. अर्पण के लेफ्ट हैंड का काम करने वाले वरुण शर्मा को क्राइम चीफ बनाया गया है. बृजमोहन को नगर निगम से बेदखल कर दिया गया है. यह काम नीरज चतुर्वेदी को सौंपा गया है. यूनिवर्सिटी बीट से गोपाल त्यागी को शंट किया गया है. अमरनाथ गोस्वामी को यह काम सौंपा गया है. गोस्वामी इस बीट को पाने के लिए सालों से फडफ़ड़ा रहे थे और गोपाल त्यागी को काम भी नहीं करने दे रहे थे और रोज संपादक के कान भरा करते थे.
कहा यह भी जा रहा है कि संपादक के राज में बेकाबू हो गई रिपोर्टिंग टीम की हर रोज की गतिविधियों पर इंदौर में बैठा प्रबंधन काफी समय से नजर रखे हुए था. पहले तो शिकायतें ही पहुंच रहीं थीं पर जब प्रबंधन ने जब शिकायतों की जांच करवाई तो पाया कि शिकायतों में जो कहा गया है वो तो काफी कम लिखा गया है. यहां तो हर कोने में अनियमितताएं पसरी हुई हैं और सभी अपने-अपने उल्लू सीधे कर रहे हैं. इसलिए प्रबंधन ने जो पहली फटकार लगाई उसका असर बीट परिवर्तन के रूप में देखने को मिला और अब दूसरी फटकार या ऐसा कहें कि प्रशासन का हंटर चलने का इंतजार सभी को है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






