दैनिक जागरण वालों के लिए नया साल काफी धमाकेदार है. लखनऊ यूनिट में नया संपादक नियुक्त कर दिया गया है. लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार दिलीप अवस्थी को दैनिक जागरण, लखनऊ का नया संपादक बनाया गया है. अभी तक संपादक के रूप में काम देख रहे शशांक शेखर त्रिपाठी बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले वाले अंदाज में मोबाइल फोन बंद करके एकांतवास में चले गए हैं. विनोद शुक्ला के जीते जी उनके उत्तराधिकारी के रूप में दैनिक जागरण, लखनऊ में उन्हीं की पसंद से दैनिक हिंदुस्तान, वाराणसी के तत्कालीन संपादक शशांक शेखर त्रिपाठी को लाया गया था.
शशांक शेखर त्रिपाठी ने कुछ ही महीनों बाद रंग दिखाना शुरू कर दिया और विनोद शुक्ल के नियंत्रण से बाहर हो गए. तब विनोद शुक्ल गाहे बगाहे अपनी पीड़ा औरों से कहते थे और शशांक पर लगाए गए अपने दांव को लेकर पश्चाताप करते थे. विनोद शुक्ल के निधन के बाद शशांक शेखर त्रिपाठी पूरी तरह से आजाद होकर काम करने लगे. लेकिन लखनऊ यूनिट को लेकर जागरण के दो मालिकों में आपसी खींचतान जारी रही. महेंद्र मोहन और संजय गुप्ता के बीच इस यूनिट पर नियंत्रण को लेकर अघोषित शीतयुद्ध चलता रहा.
उधर, दैनिक जागरण से नाराज मायावती ने भी दैनिक जागरण, लखनऊ को तलवार की धार पर बनाए रखा. सत्ता से अपने नजदीकी संबंधों का इस्तेमाल शशांक शेखर दैनिक जागरण के मालिकों को डराने और अपनी मनमानी करने में करते रहे. सूत्रों का कहना है कि दैनिक जागरण के मालिकों ने शशांक को बदलने का फैसला पहले ही कर लिया था. नए साल में और ठीक चुनाव के बीच बदलाव का ऐलान कर दिया गया. शशांक शेखर को जब इस बदलाव की भनक लगी तो वे आफिस छोड़कर चले गए और अपना मोबाइल बंद कर लिया. यहां तक कि उन्होंने दैनिक जागरण, लखनऊ आफिस में कार्यरत स्टाफ के लोगों का नववर्ष संदेश तक ग्रहण नहीं किया. नए संपादक दिलीप अवस्थी ने स्टाफ की मीटिंग लेकर अपनी नई पारी और दैनिक जागरण लखनऊ में नए दौर के शुरुआत का ऐलान कर दिया है.
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