Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

नक्सलियों से लड़ते हुए मारे गए सिपाही को माले वाले दीपांकर भट्टाचार्य ने शहीद करार दिया!

Samar Anarya : भाकपा माले लिबरेशन के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य 'नक्सलियों' से लड़ते हुए 'शहीद' हो गए सिपाही के लिए सम्मान और मुआवजा मांग रहे हैं. जियो, मधु किश्वर की दलालों को पोलित ब्यूरो में रख और पंहुचते भी कहाँ तुम. बाकी ये बता दो कि लिबरेशन के 'अंडरग्राउंड' होने के दिनों में उसके हथियारबंद दस्ते के हाथों मारे गए पुलिस वालों को लिए भी 'शहीद' का दर्ज मांगोगे या नहीं? और अगर उनके लिए माँगा तो जान दे आये अपने कामरेडों को क्या कहोगे?

Samar Anarya : भाकपा माले लिबरेशन के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य 'नक्सलियों' से लड़ते हुए 'शहीद' हो गए सिपाही के लिए सम्मान और मुआवजा मांग रहे हैं. जियो, मधु किश्वर की दलालों को पोलित ब्यूरो में रख और पंहुचते भी कहाँ तुम. बाकी ये बता दो कि लिबरेशन के 'अंडरग्राउंड' होने के दिनों में उसके हथियारबंद दस्ते के हाथों मारे गए पुलिस वालों को लिए भी 'शहीद' का दर्ज मांगोगे या नहीं? और अगर उनके लिए माँगा तो जान दे आये अपने कामरेडों को क्या कहोगे?

बतौर एक मार्क्सवादी मानवाधिकार कार्यकर्ता मैं दोनों तरफ की हिंसा के खिलाफ हूँ क्योंकि मरते दोनों तरफ से सर्वहारा ही हैं. इसीलिए लगातार पुलिस वालों पर एम्बुश और माओवादियों की असली/फर्जी मुठभेड़ों में हत्या का विरोध करता रहा हूँ. इस विषय पर जागरण के लिए लिखे एक लेख का लिंक http://www.mofussilmusings.com/2013/05/blog-post_30.html भी लगा रहा हूँ. पर सब कुछ के बाद एक राजनैतिक विचारधारा के लिए लड़ रहे लोगों के खिलाफ राज्य दमन का हिस्सा बन रहे पुलिस कर्मी को शहीद कहना? उफ़….

आप भी पढ़ें खबर, दैनिक जागरण में प्रकाशित…


शहीद नेहाल को मिले सम्मान व मुआवजा

http://www.jagran.com/bihar/katihar-11139398.html

संवाद सूत्र, आजमनगर (कटिहार) : बिहार की सरकार दायित्वों (निकम्मी)का निर्वहन नहीं कर रही है। देश की खातिर नक्सलियों से लोहा लेने के दौरान अपनी जान गंवाने वाले शहीद नेहाल आलम के शोक संवेदना में दो शब्द भी व्यक्त नहीं करना इस सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है। उक्त बातें भाकपा माले के राष्ट्रीय सचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शहीद नेहाल के गांव दमदमा में बुधवार को परिजनों से मिलने के बाद कही। उन्होंने कहा कि बिहार के अल्पसंख्यक नौजवान पर आतंकवादी का ठप्पा लगाकर परेशान किया जा रहा है। शहीद नेहाल आलम के नक्सली विस्फोट में ड्यूटी के दौरान शहीद होने पर बिहार सरकार अगर सही सम्मान दिलाने एवं परिजनों की मदद नहीं करती है तो भाकपा माले आगे भी लड़ाई जारी रखेगी। इस अवसर पर पूर्व विधायक महबूब आलम, जुही महबूबा, असगर अली, उमेश यादव, सिकंदर आलम, सोहराब अली, काजी नजरूल, मो. नसीम, गुलजार आलम, मो. काजीम, खिदीर बख्स, शमसूल हक, मो. यासीन, मो. मेराजुल, मो. आतिफ, मो. सहाबुद्दीन आदि उपस्थित थे।


अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारवादी अविनाश पांडेय 'समर' उर्फ समर अनार्या के फेसबुक वॉल से.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...