Harshvardhan Tripathi : सुधीर, समीर दोनों अभी भी जेल में है। ताजी खबर ये है कि जी के संपादकों के बाद अब जी के मालिक सुभाष चंद्रा अपनी जमानत के लिए याचिका डाल रहे हैं, सावधानी वाली। जी के दोनों संपादक इसीलिए जेल में हैं ना कि वो, ब्लैकमेलिंग कर रहे थे। अभी तक सारे संपादक खिलाफ हो गए थे इन दोनों के। ठीक भी लग रहा था।
लेकिन, अब बड़ा सवाल ये है कि नवीन जिदंल साहब के लोगों ने 20 करोड़ रुपए का तो, विज्ञापन (ब्लैकमेलिंग का एक हिस्सा) देना मान ही लिया था। मामला तो, 100 करोड़ पर बिगड़ा फिर जिंदल साहब के खिलाफ अब वही सारे संपादक या सिस्टम, पुलिस क्यों खड़े होने से बच रही है।
टीवी जर्नलिस्ट और पी7न्यूज में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हर्षवर्धन त्रिपाठी ने यह विचार अपने फेसबुक वॉल पर व्यक्त किया है.
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