लखनऊ निवासी दो छात्रों तनया और आदित्य ठाकुर ने आज सीजेएम लखनऊ, प्रमोद कुमार को निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह नरूला के खिलाफ लिखवाये गए मुकदमे की प्रस्तरवार प्रगति आख्या मंगवाने हेतु प्रार्थनापत्र दिया. अधिवक्ता रोहित त्रिपाठी के माध्यम से दिये उनके आवेदन पर सीजेएम ने थानाध्यक्ष गोमती नगर को 26 अप्रैल 2013 को प्रगति आख्या देने के आदेश दिये हैं.
तनया और आदित्य ने देश के लाखों लोगों को धर्म का भय दिखा कर, अपनी झूठी महत्ता दिखा कर और लोगों को बेवकूफ बना कर लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में निर्मल वावा पर एफआईआर दर्ज कराया था. थाने और एसएसपी लखनऊ द्वारा एफआईआर दर्ज करने से मना करने के बाद तत्कालीन सीजेएम राजेश उपाध्याय के आदेश पर यह एफआईआर 12 मई 2012 को दर्ज की गयी थी.
पूर्व विवेचक राजेश कुमार सिंह ने 02 अगस्त 2012 को पांचवे पर्चे में ही साक्ष्यों के अभाव की बात कहते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दिया था जिसे क्षेत्राधिकारी, गोमतीनगर ने 17 अक्टूबर के आदेश द्वारा रोक दिया. तनया और आदित्य ने अपनी माँ सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर के साथ वर्तमान विवेचक बी आर निर्मल को कई सारे तथ्य प्रस्तुत किये लेकिन छः माह बाद भी विवेचना में कोई प्रगति नहीं होने पर उन्होंने सीजेएम के सामने यह प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया है.





