देश का नम्बर एक अख़बार होने का दंभ भरने वाले दैनिक जागरण के पंजाब संस्करण में बहुत कुछ अजीब होने की कई बातें कई बार 'भड़ास' पर प्रकाशित हो चुकी हैं. दरअसल यहाँ पर निशिकान्त ठाकुर का रिश्तेदार होना सबसे बड़ी योग्यता है. अगर आप सीजीएम निशिकांत ठाकुर के साले, भांजे, साले के साले, साढू, मामा, चाचा या उनके गाँव के कोई व्यक्ति हैं तो फिर आपकी चांदी ही चांदी. एक और गुण भी चलता है- चमचागिरी!
अभी हाल फिलहाल में दैनिक जागरण पंजाब ने उन लोगों की भर्ती का काम शुरू किया है जो लोग पंजाब में अमर उजाला के कफन की कील साबित हुए थे. दूसरा, निशिकांत ठाकुर के नजदीकी लोगों को अन्य लाभ भी दिए जा रहे हैं. चंडीगढ़ में मैनेजर का काम करने वाले सज्जन ड्राइवर हैं. वहां पानी पिलाने वाले लोग पत्रकार बना दिए जाते हैं. ब्यूरो चीफ को भले ही न सही, उसके नीचे काम करने वाले निशिकांत ठाकुर के भांजे को गाड़ी दे दी जाती है. 1999 -2000 में इसी स्टेशन से तत्कालीन ब्यूरो चीफ मीनाक्षी द्वारा कभी निकाले गए भांजे को अब यहाँ पर वाया जालन्धर भेजा गया है… लोगों को यह बताने के लिए कि मामा की कितनी चलती है… और यही नहीं… गाड़ी के साथ भेजा गया है. मतलब कि ब्यूरो चीफ के पास गाड़ी नहीं और उनके मातहत को गाड़ी नवाजी गयी है…भाई वाह! वाह !! इस से कितना उत्साह मिलता होगा दूसरे पत्रकारों को! और जो भांजे या साले नहीं हैं…वो अपनी किस्मत को कोस रहे होंगे… ख़ैर…जब किस्मत मेहरबान तो गधा पहलवान!!
ऋषि कुमार नागर
ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा






