काठमांडू : पत्रकारों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है लेकिन एक आम चुनाव में शायद यह पहली बार होगा जब एक साथ एक दर्जन से अधिक पत्रकार अपना किस्मत आजमाने के लिए चुनावी मैदान में कूद पड़े हैं. १९ नवम्बर को नेपाल में दूसरी बार होने जा रहे संविधान सभा के चुनाव में सभी प्रमुख पार्टी के तरफ से पत्रकारों को भी टिकट दिया गया है. इनमे से कुछ पत्रकार तो सीधे चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कुछ पत्रकारों की सूचि मनोनित सांसद के लिए चुनाव आयोग के पास जमा कर दी गई है. हालांकि इसके लिए तीन दर्जन से अधिक पत्रकारों ने अपने अपने लिए प्रयास किया था लेकिन उम्मीदवार बनने का सौभाग्य इनमे से कुछ पत्रकारों को मिल पाया है.
संविधान सभा में नेपाली कांग्रेस के तरफ से नेपाल पत्रकार महासंघ के दो पूर्व अध्यक्ष हरिहर विरही और धर्मेन्द्र झा का नाम प्रस्तावित किया गया है. विरही और झा दोनों ही कांग्रेस के निकट रहे नेपाल प्रेस यूनियन से भी आबद्ध हैं. नेपाल के माओवादी पार्टी से वर्त्तमान में पत्रकार महासंघ के महासचिव रहे ओम शर्मा का नाम शामिल है. इसी तरह नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी के तरफ से शम्भू श्रेष्ठ और गगन विष्ट का नाम दिया गया है. ये दोनों नेकपा एमाले निकट पत्राकारों की संस्था प्रेस चौतारी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं.
कुछ पत्रकार सीधे सीधे जनता के बीच जाकर चनाव लड़ रहे हैं इनमे नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार देवप्रकाश त्रिपाठी भी शामिल हैं जिन्हें नेपाली कांग्रेस के तरफ से टिकट दिया गया है. भारतीय सीमा से जुड़े मधेश के दो पत्रकारों को भी मधेशी दल के तरफ से संभावित सांसदों की सूचि में सम्मिलित किया गया है. नेपाल में हिंदी पत्रकारिता के लिए लम्बे समय से संघर्ष करते आ रहे पंकज दास को सदभावना पार्टी के तरफ से लगातार दूसरी बार मनोनयन सूचि में नाम को प्रस्तावित किया गया है. विभिन्न भारतीय अखबार और टेलीविजन के लिए नेपाल से रिपोर्टिंग करते आ रहे पंकज दास नेपाल से पहला हिंदी दैनिक प्रकाशित करने वाले पत्रकार हैं.
इसके अलावा नेपाल में लोकतंत्र की पुनर्बहाली के बाद से भोजपुरी, मैथिली अवधि आदि क्षेत्रीय भाषाओं में पहली बार नेपाल के टीवी और रेडियो में कार्यक्रम प्रस्तोता बनी प्रियंका पाण्डेय को मधेशी जनअधिकार फोरम गणतांत्रिक के तरफ से उम्मीदवार बनाया गया है. नेपाल में हुए मधेश आन्दोलन में अग्रणी भूमिका के कारण चर्चा में आई पाण्डेय एक मात्र महिला पत्रकार हैं जिनका नाम संभावित सांसदों की सूचि में है. नेपाल में १९ नवम्बर को चुनाव है और करीब एक हफ्ते में पूरी गिनती होने के बाद यह पता लग जाएगा कि इनमे से किस पत्रकार को माननीय सांसद बनकर देश का भाग्य निर्माता बनने का सौभाग्य मिलाता है और किन्हें वापस अपने पत्रकारिता पेशा से ही संतुष्ट होना पड़ता है.
काठमांडू से पंकज दास की रिपोर्ट.






